The state government ought to have records of its land and land owners,observed Jharkhand Chief Secretary RS Sharma.

“All land records should be computerised.For this Cadestral map is necessary.The Khatiyan of the district,circle and block must be available online.Even works related with mutation be made online”,said Sharma today during a meeting with senior officials of the state government.

A press release issued by the public relations department in Hindi said as follows:

मुख्य सचिव श्री आर0एस0शर्मा ने कहा कि राज्य के पास भूमि एवं भूमि मालिकों की स्पष्ट एवं पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए भूमि संबंधित सारे रिकार्ड को शीघ्र कम्प्यूटरीÑत किया जाएं इसके लिए कैडेस्ट्रल मैप का डिजिटार्इजेशन अनिवार्य है। राज्य के प्रत्येक जिले, अंचल, ब्लाक का खतियान आनलार्इन हो। म्यूटेशन संबंधित कार्य भी आनलार्इन किए जाएं। यह सूचना उपलब्ध करा दी जाए की नियत तिथि के बाद सारे कार्य आनलार्इन होंगे, भूमि संबंधी दस्तावेज, प्रमाण पत्र कम्प्यूटरीÑत ही उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्य सचिव आज प्रोजेक्ट भवन सिथत अपने सभा-कक्ष में नेशनल लैण्ड रिकार्ड माडर्नार्इजेशन प्रोग्राम की समीक्षा कर रहे थे।

श्री शर्मा ने कहा कि डिटेल चेकलिस्ट बनाया जाए, जिसमें जिलों, अंचल के जमीनों के कम्प्टरीकरण से संबंधित सभी जानकारी हो। जिन जिलों, ब्लाक, अंचल में कम्प्यूटरीकरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, वहाँ मैनुअल प्रमाण पत्र देने की पुरानी प्रथा बन्द की जाए। उन्होंने राज्य के जिलों में लैण्ड रिकार्डस की कम्प्यूटरीकरण की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि कम्प्यूटरीकरण के क्रम में यदि कठिनार्इ है तो ग्राम सेवकों को इस कार्य में लगाया जा सकता है, इसके अतिरिक्त संविदा पर वाहय व्यकित को भी लगाया जाए एवं शीघ्र सारे रिकार्ड आनलार्इन हों। कर्मियों को प्रशिक्षित कर साफ्टवेयर से अवगत कराएं ताकि वे दक्षतापूर्ण कार्य कर सके। श्री शर्मा ने कहा कि कम्प्यूटरीकरण एवं डिजिटार्इजेशन संबंधित एक्सेल सीट तैयार कीजिए जिसमें गाँव का नाम एवं खतियान नम्बर का पूरा विवरण गूगल पर उपलब्ध हो ताकि भूमि संबधित सारे रिकार्ड को सर्वजनिक बनाया जा सके।

दो सौ गावों के भूमि संबंधित खतियान नही मिल पाने की बात संज्ञान में लाए जाने पर मुख्य सचिव ने कहा कि वन विभाग एवं जल संसाधन विभाग के पास भी नक्शे उपलब्ध होते हैं, उनसे सहयोग लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आमजन के बीच यह सूचना प्रसारित की जाए कि जिनके पास पुराना नक्शा उपलब्ध हों वे जिलाब्लाकअंचल स्तर पर सुलभ कराएं, स्कैन कर उस नक्शे को भी मान्य किया जा सकता है। प्रत्येक माह कम्प्यूटरार्इजेशन कार्य की प्रगति स्पष्ट होनी चाहिए। इसके लिए प्रतिबद्ध होकर काम करने की आवश्यकता है। विभाग प्रत्येक माह कार्य प्रगति की समीक्षा करें। सर्वेक्षण का कार्य करने वाले अन्य संस्थानों यथा आर्इ0एस0एम0, बी0आर्इ0टी0, जियोलाजिकल सर्वे आफ इणिडया के अधिकारियों को आमंत्रित कर एक कार्यशाला का आयोजन का भी उन्होंने निदेश दिया।

बैठक में प्रधान सचिव सूचना तकनीक श्री एन0एन0सिन्हा, प्रधान सचिव राजस्व एवं भूमि सुधार श्री जे0बी0तुबिद समेत वरीय पदाधिकारीगण उपसिथत थे।

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