नई दिल्ली में अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स के अलंकरण समारोह और 59वें स्थापना दिवस समारोह वीरता की यादों से भरपूर वातावरण में  समपन हुवा।

समारोह जो कल सोमवार को समाप्त हुवा में गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) श्री वी. एस. के. कौमुदी, अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स महानिदेशक श्री ताज हसन, गृह  मंत्रालय और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स प्रमुख तथा पदक विजेता और उनके परिजन भी शामिल हुए। 

अपने संबोधन में श्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह दिवस अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स की उच्च स्तर की व्यवसायिक दक्षता, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों को याद करने का शुभ अवसर है। सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स पूरे विश्व में स्वंयसेवी संगठन के रूप में प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं। 

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने 12 नवम्बर, 1982 को हर साल 6 दिसम्बर को “सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स” के रूप में उन नागरिकों की शहादत की याद में मनाने की स्वीकृति दी जिन्होंने आपदा के समय लोगों की मदद करते हुए स्वतंत्रता एवं मानवता के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी थी। 

श्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह सम्मान का दिन है और अपने इतिहास को मिल जुलकर मनाने का अवसर है, राष्ट्र के रूप में अपनी उपलब्धियों को गिनाने, अपनी ताकत को दर्शाने तथा सामने उपलब्ध अवसरों को जानने का समय है। उन्होने कहा कि कर्तव्य के पथ पर अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान करने वाले अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स कर्मियों की वीरगाथाओं को संकलित किया जाना चाहिए और उनकी फोटो प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिएI 

श्री राय ने कहा कि यह वह दिन जब हम सब अपने गौरव तथा प्रगति की भावना को बाँटते हैं और अपने अंदर एक नये जोश का संचार करते हैं। हम सबको यह प्रण करना चाहिए कि हम भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनाने तथा विश्व का एक अग्रणी विकसित देश बनाने में अपना अधिकतम योगदान देंगे। उन्होने कहा कि इस अवसर पर हमें उन सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स स्वयंसेवकों को याद करना चाहिए जिन्होंने हमेशा राष्ट्र के लिए अपनी निःस्वार्थ सेवायें दी- चाहे वह 1962, 1965 तथा 1971 का बाहरी हमला हो अथवा किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या  मानव-निर्मित आपदा हो। 

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने सिविल डिफेंस, होम गार्ड्स पदक 1974 से तथा अग्निशमन सेवा पदक 1975 से शुरू किया है। ये पदक जीवन और सम्पत्ति बचाने के दौरान प्रदर्शित शौर्य, कर्तव्य के प्रति दायित्व का निर्वाहन करते समय निहित जोखिम तथा सराहनीय सेवा और अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक का बेहतरीन सांगठनिक प्रबंधन आदि के लिए दिये जाते हैं। इसी क्रम में आज अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स के 59 कर्मियों को राष्ट्रपति के वीरता पदक प्राप्त करने के अवसर पर अलंकरण समारोह किया गया है। 

श्री नित्यानंद राय ने कहा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन को लेकर अत्यंत गंभीर हैं और इस क्षेत्र में लगातार शोध, संसाधन एवं संरचनाएं मजबूत करने के प्रति कटिबद्ध हैं ताकि स्थानीय उपलब्धता का उपयोग हो  और लोगों में जाग्रति तथा सेवा का भाव निरंतर बढ़ता रहेI उसी क्रम में चाहे कानून का विषय हो या समाज के कमजोर वर्गों तक मदद पहुंचानी हो, सामाजिक समरसता का कार्य हो या आपदाओं में तत्परता से योगदान देने की जरूरत हो, करीब छह दशकों से अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स संगठन यह कार्य पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से कर रहा है।

श्री राय ने कहा कि माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी भी समय-समय पर आंतरिक सुरक्षा एवं आपदा, बचाव एवं रहत कार्य की समीक्षा करते रहते हैं और दिशानिर्देश देते हैंI  गृह मंत्री जी के मार्गदर्शन में अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स कार्मिकों ने कोरोना जैसी महामारी के समय कोरोना वॉरियर्स के रूप में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हैI साथ ही, गृह मंत्री जी के दिशानिर्देशानुसार, गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेशों का अनुसरण कर राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए अपनी क्षमता को बढाया हैI माननीय गृह मंत्री जी ने राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महानिदेशालय, नागपुर के नए कैंपस को 2020 में राष्ट्र को समर्पित किया थाI 240 करोड़ रुपये की लागत से बना यह संस्थान 43 एकड़ में फैला हुआ है और अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करता हैI यह संस्थान पूरे देश के अग्निशमन सेवा अधिकारियो को अग्निशमन विषय पर प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करता है I 

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स अन्य आपातकालीन सेवाओं के साथ मिलकर आपदा से निपटने में स्थानीय प्रथम प्रतिक्रिया समूह के रूप में कार्य कर रहे हैं। अग्निशमन सेवा के कर्मी लगभग सभी प्रकार की आपदाओं में फार्स्ट रिसपोन्डर के नाते बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इनका दायित्व बहुत ही कठिन है और अक्सर इन्हें अपने कार्यों के निष्पादन में जान को जोखिम में डालना पड़ता है। आज के इस अलंकरण समारोह में, यह गर्व का विषय है, कि कुल 59 वीरता पदक विजेताओं में 55 अग्निशमन सेवा के कर्मी है। उन्होने कहा कि इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इनका कार्य कितना कठिन एवं जोखिम से भरपूर है। 

श्री नित्यानंद राय ने कहा कि परंपरागत रूप से अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड्स कार्मिकों ने संकट के समय में राष्ट्र को मूल्यवान निस्वार्थ सेवा प्रदान करते हुए, कोविड-19 महामारी की लड़ाई में भी अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया है और अपने आदर्श वाक्य ‘सर्व भूत हिते रतः एवं निष्काम सेवा’ पर चलते हुए इस महामारी से निपटने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि वे वर्तमान कोविड-19 परिदृश्य में उपयुक्त व्यवहार के लिए समुदाय को प्रेरित करते रहेंगे और भविष्य में भी सर्मपण और प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहेंगे।

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