केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को केंद्रीय बजट में आयुष मंत्रालय में शोध को बढ़ावा देने, किफायती आयुष सेवाओं का विस्तार करने, राज्यों के साथ मिलकर आयुष को बल देने तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आयुष के विकास पर खास जोर देने के लिए आयुष मंत्रालय को 3050 करोड़ का बजट आवंटित किया है। पिछले वित्तीय वर्ष के लिए यह करीब 2660 करोड़ था। उल्लेखनीय है कि पिछले सात वर्षों में आयुष के बजट में करीब चार गुना बढ़त हुई है।

केंद्रीय मंत्री ने आयुष मंत्रालय में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिये सबसे बड़ा बजट अलॉट किया है। बजट में  आयुष की तीन प्रमुख अनुसंधान परिषदों को कुल 682 करोड़ की सौगात दी गई है। इसमें केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद को को 358.50 करोड़, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद को 143.70 करोड़ और केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद को 175.80 करोड़ दिये गये हैं। इस बजट से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के वैधीकरण के लिये वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किये जायेंगे। इससे नई औषधियों की खोज, उसका सर्वेक्षण, उसके रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा. इसके तहत औषधीय पादप अनुसंधान, चिकित्सा-नृजातीय वानस्पतिक सर्वेक्षण, औषधीय मानकीकरण और अनुसंधान के रिसर्च के पब्लिकेशन को नई दिशा मिलेगी.

आयुष की केन्द्रीय परियोजनाओं को बढ़ावा

इस बार आयुष मंत्रालय की सेन्ट्रल सेक्टर स्कीमों को पंख देते हुए 306 करोड़ का बजट आवंटित किया है। दूसरा सबसे बड़ा और सबसे ज्यादा फोकस मंत्रालय की लोक कल्याणकारी योजनाओं पर किया गया है ताकि आमजन को आयुर्वेद और पारम्परिक चिकित्सा का भरपूर लाभ मिल सके। पिछली बार इसके लिये 235 करोड़ का बजट दिया गया था।

पूर्वोत्तर क्षेत्रों के विकास के लिए दोगुनी राशि 

बजट में इस बार पूर्वोत्तर क्षेत्रों के विकास के लिए और राज्य सरकार को दी जाने वाली सहायता अनुदान धनराशि में भी काफी अहम बढ़त की गयी है। पिछली बार जहां पूर्वोत्तर क्षेत्र को बजट में 102.47 करोड़ दिये गये थे, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 181.97 कर दिया गया है। इसी तरह राज्य सरकारों को दी जाने वाली सहायता अनुदान धनराशि में बढ़ोतरी करते हुए 610 करोड़ कर दिया गया है जबकि पिछली बार यह धनराशि 422.40 करोड़ थी।

विश्व के पहले डब्ल्यू.एच.ओ. ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन को भी मिला बजट 

विश्व के पहले डब्ल्यू.एच.ओ. ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना देश में की जा रही है। यह पारंपरिक चिकित्सा के लिए विश्व का पहला और एकमात्र डब्ल्यू.एच.ओ. ग्लोबल सेंटर होगा। इसका सीधा असर देश में पारंपरिक औषधि सेक्टर के निवेश में देखने को मिलेगा। केंद्रीय बजट में इस सेंटर के लिये भी पर्याप्त बजट का प्राविधान किया गया है।

800 करोड़ से अपग्रेड होंगी किफायती आयुष सेवाएं, अस्पताल

बजट में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष अस्पतालों और औषधालयों के विस्तार के लिये 800 करोड़ अलॉट किये गये हैं ताकि किफायती आयुष सुविधाएं लोगों तक पहुंचाई जा सकें। साथ ही, अस्पतालों को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जा सकेगा।

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