*image credit IPRD, Jharkhand

झारखंड सरकार विकास के प्रति कृतसंकल्पित है। यह विकास के साथ-साथ विस्थापितों की भी सुध लेनेवाली सरकार है। पहले जहां विस्थापित दर-दर भटकते रहते थे, वहीं आज हमारी सरकार विस्थापितों को बसा रही है। इसका जिता जागता उदाहरण है निर्माणाधीन झारखंड विधानसभा और झारखंड हाई कोर्ट के विस्थापित। इन्हें सरकार अक्टूबर तक घर बनाकर बसा देगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहीं। वे आज निर्माणाधीन झारखंड विधानसभा, झारखंड हाई कोर्ट और विस्थापितों के लिए बन रही कॉलोनी के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने संवेदक को निदेश दिया कि गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए समयसीमा में काम पूरा करें। विधानसभा और उच्च न्यायालय भवन से पूर्व विस्थापितों को बसायें। अक्टूबर तक विस्थापितों की कॉलोनी बनकर तैयार हो जाये। उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय के निर्माण कार्य को दिसंबर और विधानसभा के निर्माण कार्य को जनवरी तक पूरा कर लेने का निदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 14 साल बाद भी राज्य की सबसे बड़ी पंचायत का अपना भवन नहीं था। इस पर काफी राजनीति होती रही। विधानसभा भाड़े के भवन में चलता रहा है। सरकार में आते ही झारखंड विधानसभा हेतु अपना भवन बनाने का लक्ष्य रखा। इसका शिलान्यास किया। अगले साल जनवरी तक झारखंड विधानसभा का अपना भव्य भवन होगा। अगला ग्रीष्मकालीन सत्र नये विधानसभा में होगा। जहां राज्य के 81 विधायक बैठकर जन समस्याओं का समाधान कर सकेंगे। गांवों में भी सरकार पंचायत भवन बनवा रही है, ताकि गांव की सरकार को भी निर्णय लेने के लिए एक स्थान मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर किसी को अच्छी जिंदगी जीने का अधिकार है और हमारी सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में विस्थापितों के लिए कॉलोनी बनवाई जा रही है। विस्थापितों की कॉलोनी में 400 परिवारों के लिए उच्छी गुणवत्ता वाले घर बनाये जा रहे हैं। जीनपर लगभग 200 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। औसतन एक घर पर 50 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। हर घर में तीन बेडरूम, किचन, बाथरूम, बरामदा आदि है। कॉलोनी में स्कूल और मार्केट कंप्लेक्स का भी निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने इन कार्यों में लगे विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों, संवेदक, हजारों मजदूरों को कार्य की प्रगति के लिए बधाई देते हुए कहा कि इनके निर्माण से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिल सका है।

निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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