देर से आए, दुरुस्त आयें।ये कहावत नही। सत्य है। आज जब पूरे देश में झारखंड सरकार की निंदा हो रही है, उन विषय को लेकर जो माइन घोटाला से और ईडी की ताबर तोड़ रेड से लिंक है, मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन ने विडीओ कॉन्फ़्रेन्स कर ये निर्देश दिए।

*★ 1 जून से 15 जून 2022 तक स्पेशल ड्राइव चलाएं

*★ सभी माइनिंग क्षेत्रों एवं चेकपोस्ट में सीसीटीवी कैमरा लगाएं

*★ शिकायत रिसीव करने के लिए टोल फ्री नंबर जारी करें


अवैध खनन किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसी भी प्रकार के अवैध खनन पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। अवैध खनन में संलिप्त लोगों या माफियाओं के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। अवैध माइनिंग रोकने के लिए प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करें। कुछ खनन माफियाओं द्वारा जानबूझकर इलीगल माइनिंग को अंजाम दिया जा रहा है ताकि वर्तमान सरकार की छवि खराब की जा सके। 

उक्त निर्देश मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयोजित राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दी। मुख्यमंत्री ने धनबाद, हजारीबाग आदि कोल माइनिंग वाले जिलों एवं पाकुड़, चाईबासा, लातेहार, रांची आदि पत्थर माइनिंग वाले जिलों में पदस्थापित अधिकारियों को विशेष तौर पर कड़ी हिदायत देते हुए अवैध खनन एक्टिविटी पर लगाम लगाने का निर्देश दिया है। 

अवैध खनन हुआ तो अब अफसरों की खैर नहीं। सख्त कार्रवाई का निर्देश राज्य सरकार ने दिया है। अवैध खनन को रोकने को लेकर राज्य सरकार एक्शन मोड में दिख रही है।

*अवैध माइनिंग कतई बर्दाश्त नही की जाएगी*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के किसी भी हिस्से में अवैध खनन कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मेजर मिनरल हो या माइनर मिनरल अवैध खनन रोकना आपसभी की जिम्मेदारी है। अवैध खनन रोकने के मामले में जो अधिकारी लापरवाही बरतेंगे उन पर ठोस कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन रोकने को लेकर राज्य स्तर में भी विशेष टीम का गठन किया जाएगा। 

हर स्तर पर राज्य सरकार अपनी पैनी नजर रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन की शिकायतों को जिलों में पदस्थापित अधिकारी गंभीरता से लें। अवैध खनन की शिकायतों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन से संबंधित शिकायतों को रिसीव करने के लिए टोल फ्री नंबर जारी करें। किसी भी माध्यम से आपके पास अवैध खनन को लेकर शिकायतें आती हैं तो उन शिकायतों पर माइनिंग रूल्स के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध खनन से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ती है। कई बार ऐसी सूचनाएं मिलती हैं कि अवैध खनन क्षेत्रों में सुरंगों के अंदर लोग दब कर मर रहे हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे माइनिंग साइड जहां दुर्घटना की संभावना हो, उसे चिन्हित कर डोजरिंग कर ध्वस्त करने का काम करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कुछ लोग ट्रांसपोर्ट के जरिए भी कोयले की चोरी करते हैं। सड़क मार्ग तथा रेल मार्ग में जगह जगह पर कोयला गिराया जा रहा है। कहीं कहीं चेन पुलिंग इत्यादि कर कोयले की चोरी की जा रही है। झारखंड पुलिस तथा आरपीएफ आपसी समन्वय बनाकर इस प्रकार की कोयला चोरी को रोकने का कार्य करें।

*1 जून से 15 जून 2022 तक स्पेशल ड्राइव चलाएं*

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक आगामी 1 जून से 15 जून 2022 तक स्पेशल अभियान चलाकर अवैध माइनिंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खनन वाले क्षेत्रों पर सुविधा अनुसार प्रभावी मैकेनिज्म तैयार कर अवैध खनन से जुड़े लोगों तथा माफियाओं पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। 15 जून के बाद अवैध खनन से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अवैध खनन रोकने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे एक्टिविटीज जानकारी सप्ताह में एक बार मीडिया के समक्ष रखें।

*माइनिंग क्षेत्र एवं चेकपोस्ट में सीसीटीवी कैमरा लगाएं*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि खनन वाले क्षेत्र एवं जिलों में स्थित चेकपोस्ट में सीसीटीवी कैमरा लगाना सुनिश्चित करें। खनन करने वाली सरकारी अथवा गैर सरकारी कंपनियों को निगरानी हेतु माइनिंग साइड तथा कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापित करने के लिए निर्देशित करें। 

*नदियों में हो रहे अवैध खनन पर भी रोक जरूरी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायतें मिली हैं कि नदियों में बालू की अवैध खनन हो रही है। नदियों में हो रहे अवैध खनन को हर हाल में रोकें। वाटर रिसोर्स को भी बचाना आवश्यक है। नदियों में अवैध खनन होने से पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव देखने को मिलता है।

बैठक में विभिन्न जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अवैध खनन को रोकने से संबंधित की जा रही अद्यतन कार्यों की जानकारी रखी।

*बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, डीजीपी श्री नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, एडीजी सीआईडी श्री प्रशांत सिंह, आई जी ए स्पेशल ब्रांच श्री प्रभात कुमार, माइंस कमिश्नर श्री जितेंद्र कुमार सिंह, माइंस डायरेक्टर श्री अमित कुमार तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

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