*image credit IPRD, Jharkhand

राज्य के सभी 264 प्रखण्डों में अगले माह से प्रत्येक माह जनता दरबार लगाए जाने का निदेश मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की गरीब जनता जाति प्रमाण पत्र, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के लाभ के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटे। हर प्रखंड में जनता दरबार में वहां के बीडीओ, सीओ सहित प्रखण्ड स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे तथा वहीं मामले का निपटारा करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिला से एक वरीय अधिकारी प्रत्येक प्रखण्ड में जायेगा। इसे अभियान के रूप में पूरा करने के लिए एक जुलाई से कैलेंडर बनाकर इसे लागू किया जायेगा। प्रखण्ड स्तरीय जनता दरबार में उस प्रखंड से जुड़ी योजनाओं का लाभ लाभुकों तक सीधे पहुंचाया जायेगा। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने झारखण्ड मंत्रालय में आयोजित राज्य 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की चौथी बैठक में अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि प्रखण्ड, अंचल, पंचायत स्तर पर कोई भी अधिकारी और कर्मी गरीबों को उनके काम के लिए न दौड़ाएं। राइट टू सर्विस एक्ट को कड़ाई से लागू किया जाये। कानून का लाभ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए है। कानून केवल सजाने की चीज नहीं है। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत जो काम नहीं करेगा उसके विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई कार्मिक विभाग करेगा।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि 02 जुलाई से राज्य के 24 जिलों में 24 नदियों के सम्पूर्ण तट पर पौधारोपण का अभियान चलेगा।  इसके तहत 24 जिलों में 24 नदियों के किनारे-किनारे पौधे लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने अपील किया कि दो जुलाई को हर जिले में वहां के सांसद, विधायक, 20 सूत्री पदाधिकारी, सदस्य सहित सभी जनप्रतिनिधि भी इसमें भाग लें। राज्य की समस्त जनता नदियों के तट को हराभरा करने के लिए इस अभियान का हिस्सा बने। 

मुख्यमंत्री ने राज्य 20सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति को एक सफल फोरम बताते हुए कहा कि आपके माध्यम से राज्य के विकास के लिए सुझाव आते हैं, और सरकार हर सम्भव उसे पूरा करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि शासन को सुशासन पारदर्शी और रोजगारपरक विकास के लिए समर्पित बनाने का प्रयास हमारी सरकार ने किया है। आज झारखण्ड प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन में जनभागीदारी को बढ़ावा देने पर प्रधानमंत्री का  जोर रहता है। हमारी सरकार हर सम्भव कोशिश कर रही है कि अधिक से अधिक जनभागीदारी बढ़ाकर बिचैलियों को दूर कर आमजनता तक विकास के लाभ को पहुंचाया जाए और समाज के अंतिम से अंतिम व्यक्ति तक अपनी पहुंच बनायी जाए।  

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से यह अह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचायें। इससे गरीब जनता को लाभ होगा। साथ ही गरीबों की योजनाओं में जनभागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे काम में तेजी आयेगी और लाभुकों को योजना का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत के सीएसआर (काॅरपोरेट सोशल रिसपोंसिबिलिटी) के तहत रांची से तमाड़, रांची से धनबाद, देवघर से बासुकिनाथधाम के बीच सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइट लगायी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य के वरीय अधिकारियों को पीएसयू सहित अन्य कंपनियों की भूमि पर रिहायशी इलाके में शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास तथा अन्य जनोपयोगी कार्य के लिए अनापत्ति देने के लिए 30 दिन का समय निर्धारित करने का निदेश दिया। इस अवधि में अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं पाए जाने पर यह माना जाएगा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और इस आधार पर जनोपयोगी कार्य किए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्वराज अभियान के दूसरे चरण में जो 15 अगस्त 2018 को समाप्त होगा। इसके तहत राज्य के 6512 गांवों में केंद्र सरकार की सात फ्लैगशीप योजनाओं को शत प्रतिशत उतारा जा रहा है। साथ ही 30 जून को हुल दिवस से 15 अगस्त तक आदिवासी जन उत्थान अभियान की शुरुआत की जायेगी। इसके तहत राज्य के 3264 गांवों में जिनमें 1000 से अधिक की आबादी है तथा जिनमें 50 प्रतिशत आदिवासी जनसंख्या है। इस अभियान से कुल 12 लाख घर और 61 लाख जनसंख्या जिसमें 45 लाख  अनुसूचित जनजाति के लोग सम्मिलित हैं, लाभान्वित होंगे। इसमें 14 जुलाई को उज्जवला दिवस, 20 जुलाई को उजाला दिवस, 27 जुलाई स्वच्छता दिवस, 05 से 12 अगस्त प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा 15 अगस्त को मिशन इंद्रधनुष मनाया जायेगा। इसके तहत उस तिथि तक चिह्नित गांवों में योजना को शत प्रतिशत कार्यान्वित किया जायेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के लोगों को अपने गांव की योजना बनाने व लागू करने का अधिकार दे रही है। इसके लिए आदिवासी विकास योजना तथा ग्राम विकास योजना के तहत गांव-गांव में समितियों का गठन किया जा रहा है। ये समितियां ही गांव की छोटी-छोटी विकास योजनाओं का क्रियान्वयन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने एक लाख लोगों को रोजगार दिया है, जिनमें 80 प्रतिशत से अधिक झारखण्ड के स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। 50 हजार लोगों को रोजगार अगले 2 से 3 माह के भीतर दिया जा रहा है। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायिका एवं कार्यपालिका के बीच बेहतर समन्वय के लिए निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए।

इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष ने कहा कि यह समिति राज्य के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। जिला एवं प्रखण्ड स्तर तक यह समिति सक्रीय होकर कार्य कर रही है। उज्जवला योजना, ग्राम स्वराज अभियान तथा केन्द्र और राज्य के महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यान्वयन में समिति का सदस्य अपना सक्रिय योगदान दे रहे हैं। अंत्योदय ही लक्ष्य, प्रण एवं मार्ग है। 

सांसदों तथा समिति के सभी सदस्यों ने अपने सुझाव दिए तथा मुख्य सचिव, विकास आयुक्त तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव तथा सचिवों ने अपनी बात बैठक में रखी।  कार्यक्रम में राज्य 20 सूत्री उपाध्यक्ष श्री राकेश प्रसाद, मंत्री डॉ लुईस मरांडी, मंत्री श्री रणधीर सिंह, सांसदगण, मुख्य सचिव विकास आयुक्त, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव समेत 20 सूत्री के सदस्य, प्रधान सचिव, सचिवगण समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
 

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