रांची रेल मंडल यात्रियों को और अधिक एवं बेहतर सुविधा देने के लिए उन्नत तकनीक एवं आधुनिक संयंत्रों के माध्यम से परिचालन को पहले से जादा सुगम और सुरक्षित बनाया जा रहा है |

रांची रेल मण्डल में लोगों की सुरक्षा एवं 25 के.वी. विधुतिकृत उपकरणों की संरक्षा के लिए लगभग 22000 बॉन्ड लगे हुए हैं | 

मण्डल के विद्युत (कर्षण-वितरण) विभाग द्वारा विधुतिकृत उपकरणों के संपर्क में आने पर दुर्घटना से बचाव एवं यात्रियों की सुरक्षा हेतु वितीय वर्ष 2022-23 में 1 अप्रैल 2022 से वर्तमान समय तक, क्षतिग्रस्त बॉन्ड के स्थान पर 351 नये बॉन्ड लगाए गए हैं |

साथ ही बरसात के मौसम के आगमन को देखते हुये ट्रेनों को नियमित समय से परिचालित करने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे है, जिसके तहत, रेल पटरियों के नजदीक 4667 पेड़ों के शाखाओं की छटाई की गयी, परिणाम स्वरूप पेड़ों के गिरने से ट्रेनों के आवागमन में आने वाली बाधा एवं यात्रियों के असुविधा में कमी आयी हैं |

साथ में ऊर्जा संरक्षण के लिए रांची रेल मण्डल ने बड़ी कदम बढ़ाई है। ओर ऐसा लगता है की भारतीय रेलवे विद्युत ऊर्जा के संरक्षण के लिए गंभीर है | 

रांची रेल मण्डल नई तकनीक एवं आधुनिक संयंत्रों के माध्यम से निरंतर ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रयासरत हैं | इसी क्रम में मण्डल के दो स्टेशनों गंगाघाट और जोन्हा पर सबमर्सिबल पम्पो के लिए स्वचालित पम्प नियंत्रक स्थापित किए गए हैं, जिससे बिजली की खपत कम होगी तथा पानी की बचत होगी | इन दोनों स्वचालित पम्प नियंत्रक के उपयोग से मण्डल द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2880 यूनिट बिजली की बचत की जाएगी |

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