*Image by IPRD, Jharkhand

झारखंड में कोयला खनन, ढुलाई आदि में आ रही समस्याओं के समाधान पर केंद्रीय कोयला सचिव इंद्रजीत सिंह और उनकी टीम के साथ मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी के नेतृत्व में राज्य के आला अधिकारियों ने गहन मंथन किया। प्रोजेक्ट बिल्डिंग स्थित सचिवालय में हुई बैठक में केंद्रीय कोयला सचिव ने कहा कि झारखंड के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा कोयला उत्पादन से आता है। यह देश के लिएभी महत्वपूर्ण है । बताया कि कोल कंपनियों ने सूचित किया है कि भूमि से जुड़ी समस्या सर्वाधिक है। साथ में फॉरेस्ट क्लीयरेंस और विधि व्यवस्था की भी समस्या है। इससे काफी हानि उठानी पड़ रही है। उन्होंने अधिकारियों को फाइलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया। कहा कि राजस्व विभाग और वन विभाग समन्वय बनाकर मामलों का त्वरित निष्पादन करें। खनन में जीरो टॉलरेंस की रणनीति अपनाएं। व्यवस्था ऐसी करें कि न के बराबर समस्या हो।

भूमि से जुड़ी समस्याओं पर राजस्व सचिव केके सोन ने बिंदुवार स्थिति स्पष्ट की। बताया कि प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं को समय सीमा के भीतर निपटाया जा रहा है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि राजस्व सचिव कुछ अधिकारियों को मौके पर भेज कर विवादित जमीन के मामलों का त्वरित निष्पादन कराएं। उन्होंने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद के मसलों पर रैयतों को विश्वास में लें और जनप्रतिनिधियों को भी समस्या समाधान में सहभागी बनाएं।
फॉरेस्ट क्लीयरेंस के संबंध में पीसीसीएफ ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार मामलों का निबटारा किया जा रहा है। बताया कि कुछ कोल कंपनियां ही मामले में देरी कर रही हैं। कोल कंपनियों को केंद्रीय कोयला सचिव ने निर्देश दिया कि वे खुद दिलचस्पी लेकर मामलों के निपटारा की पहल करें।

विधि व्यवस्था के मसले पर एडीजी आरके मल्लिक ने कहा कि छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें, तो विधि व्यवस्था की कोई बड़ी समस्या नहीं है। गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि विधि व्यवस्था के संधारण के लिए जिला टास्क फोर्स का गठन किया गया है। पुलिस गंभीर है। कोल कंपनिया पुलिस से समन्वय बनाकर रखें। त्वरित ढंग से सूचना दें। पुलिस से समन्वय बनाकर रखें। इससे समस्या का तत्काल समाधान संभव हो पाएगा। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि टास्क फोर्स को और मजबूत बनाएं। कोयले की चोरी और तस्करी पर भी पूरी तरह अंकुश लगाएं। उन्होंने केंद्र सरकार की खान प्रहरी की व्यवस्था का भी विधि व्यवस्था में अधिकतम उपयोग पर बल दिया।

बैठक में सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने लातेहार और चतरा में कोयला खदान से रेलवे स्टेशन तक  जाने के लिए मार्ग की जमीन का मसला उठाया। बीसीसीएल के अधिकारियों ने झरिया मास्टर प्लान के क्रियान्वयन में आ रही समस्या का मसला सामने रखा। इसीएल के अधिकारियों ने राजमहल में अतिरिक्त जमीन लेने में हो रही देरी का मामला उठाया। कहा कि जमीन नहीं मिली तो उत्पादन रुक जाएगा। मुख्य सचिव ने गोड्डा के उपायुक्त को निर्देश दिया कि वह इसीएल के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर मसले को सुलझाएं। केंद्रीय कोयला सचिव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र से एक अधिकारी को राजमहल भेजने का निर्देश दिया। वहीं विभिन्न कंपनियों को मिले कोल ब्लॉक की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी एनटीपीसी अपने दो कोल ब्लॉकों से अभी तक उत्पादन नहीं कर रहा है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्रीय कोयला सचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एनटीपीसी डेड लाइन का इंतजार किये बिना उत्पादन सुनिश्चित करे। राज्य सरकार के विभिन्न विभाग केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय स्थापित करते हुये मामलो का निष्पादन सुनिश्चित करे ।  
 

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