*Image credit: IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री, रघुवर दास ने पीयुष गोयल, केन्द्रीय मंत्री, रेल, वित्त एवं कोयला) से राज्य में रेलवे की अधूरी पड़ी परियोजनाओं के संबंध में रेलवे व राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई दिल्ली में भेंट की।

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि झारखंड राज्य में रेल परियोजना के अनुश्रवण एवं त्वरित कार्यान्वयन हेतु झारखंड राज्य में जोन की स्थापना करते हुए महाप्रबंधक के पद का सृजन किया जाए जिससे रेलवे के कार्यों को गति मिल सके। इस संदर्भ में केंद्रीय मंत्री द्वारा आश्वस्त किया गया कि रेल परियोजनाओं के अनुश्रवण एवं कार्यान्वयन हेतु नोडल पदाधिकारी रेलवे बोर्ड द्वारा चिन्हित किया जाएगा जो अपर महाप्रबंधक के पद के स्तर का होगा एवं झारखंड राज्य से संबंधित जोन के महाप्रबंधक एवं राज्य सरकार के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगा।

केंद्रीय मंत्री ने बताया  कि धनबाद-चन्द्रपुरा रेल लाईन चालू किये जाने के संबंध में डीजीएमसी एवं रेलवे सुरक्षा महानिदेशक द्वारा सुरक्षा का पुनः आकलन होने के उपरांत वैकल्पिक मार्ग का चयन रेलवे बोर्ड द्वारा शीघ्र किया जायेगा।

बैठक में केन्द्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के आग्रह पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि नामकुम-कांडरा नई रेलवे लाईन की feasibility report शीघ्र उपलब्ध करायी जाय जिससे कि राज्य और केन्द्र मिलकर आगे की कार्रवाई कर सकें।

धनबाद जिले के अंतर्गत बेकारबांध जोड़फाटक-पूजाटाकिज फ्लाईओवर के निर्माण के संबंध में शीघ्र डीपीआर तैयार कर प्रस्तुत करेगा। 

इसी के साथ मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि गोड्डा-हंसडीहा रेलवे मार्ग का कार्य शीघ्र पूरा किया जाय जिस संबंध में केन्द्रीय मंत्री ने सकारात्मक रूख दिखाया।

साहिबगंज में Inland Waterways Authority को ROB अविलम्ब बनाने के संबंध में भी निर्देश दिया साथ ही साहिबगंज के रेलवे अंडरपास की एनओसी देने पर भी सकारात्मक रूप से विचार करने का निर्णय हुआ।

बैठक में मुख्यमंत्री ने टीवीएनएल को कोयले की आपूर्ति पर्याप्त रेलवे ट्रैक के माध्यम से किए जाने का आग्रह किया जिस के संबंध में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्याप्त राय को उपलब्ध कराई जाए किसी भी परिस्थिति में कोयले की आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा ना हो यह सुनिश्चित करने का निर्देश केंद्रीय मंत्री द्वारा कोयला एवं रेल मंत्रालय के पदाधिकारियों को दिया गया |

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की छात्रवृति की लंबित 491 करोड़ रूपये शीघ्र विमुक्त करने का आग्रह किया जिसके संबंध में केन्द्रीय मंत्री ने समस्त संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि राज्य की इस राशि को शीघ्र दिया जाय। 

बैठक में मुख्यमंत्री के साथ डीके तिवारी विकास आयुक्त, मस्त राम मीणा स्थानिक आयुक्त एवं सुनील कुमार वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव व रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 

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