*All images by IPRD, Jharkhand

अपने अर्जित ज्ञान को बांटने से ज्ञान बढ़ता है। नयी-नयी तकनीकों के माध्यम से हम इसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा सकते हैं। हमारी सरकार का यही उद्देश्य है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विजन जरूरी है। शिक्षा ऐसी हो जो रोजगार दे सके। केवल डिग्री से काम नहीं चलेगा। शिक्षा स्तर में गिरावट के कारण समाज में व्याभिचार, अनैतिकता बढ़ती है। हम ऐसी नैतिक शिक्षा पर जोर दे रहे हैं, जो संस्कार के साथ रोजगारपरक भी हो। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहीं। उन्होंने कहा कि झारखंड को हमें शिक्षित प्रदेशों की सूची में लाना है। शिक्षित होने से हम राज्य को तेजी से आगे ले जा सकेंगे। मानव संसाधन का विकास सबसे महत्वपूर्ण है। मानव संसाधन का विकास शिक्षा के माध्यम से ही किया जा सकता है। शिक्षा के महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री का पद संभालने के साथ ही सबसे पहली समीक्षा शिक्षा विभाग का ही हुआ था।

-----------------------------Advertisement------------------------------------

समीक्षा में पाया कि आजादी के 67 वर्षों के बाद भी हमारे ज्यादातर बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ने को विवश थे। राज्य के 38 हजार स्कूलों में से मात्र 7000 स्कूलों में ही बेंच-डेस्क उपलब्ध था,  ज्यादातर स्कूलों में बिजली आदि की सुविधा नहीं  थी। बिना आधारभूत संरचना ठीक किये हम अपने शिक्षा स्तर को नहीं सुधार सकते। इसी को ध्यान में रखते हुए मिशन मोड में स्कूलों में बेंच-डेस्क, बिजली, शौचालय आदि पहुंचाने का काम शुरू किया। हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे भी स्वाभिमान के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग में तेजी से सुधार लाने के लिए निदेशक स्तर पर युवा आइएएस अधिकारियों की नियुक्ति की गयी। इनके नतीजे अब दिख रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवी संस्थाओं से आदिवासी क्षेत्रों में ज्यादा काम करने की अपील करते हुए कहा कि वे आज भी गरीब और अशिक्षित हैं। शिक्षित होने से उनके जीवन स्तर में सुधार आयेगी। झारखंड को शिक्षित प्रदेश बनाने में हम सबकी जिम्मेवारी जरूरी है।      

Advertisement
Advertisement
Campaign: SMENT-030326
Displayed on:

कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्रीमती नीरा यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम संस्कारयुक्त शिक्षा दे रहे हैं। ताकि अपने बच्चों को हम आदर्श नागरिक बना सकें। कार्यक्रम में राज्य सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं के बीच तीन एमओयू हुए। इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री ए0पी0 सिंह, राज्य विकास परिषद के सीइओ श्री अनिल स्वरूप, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल समेत बड़ी संख्या में गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

must read