*Image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में झारखंड में बहुत अच्छे काम हुए हैं। भारत सरकार के कई मानकों पर झारखंड की स्थिति टाॅप टेन में है। डेवलेपमेंट का तभी महत्व होगा, जब डिलीवरी हो। बजट में तय राशि खर्च करना और विकास का परिणाम प्राप्त करना ही सफलता है। योजनाओं का कार्यान्वयन सबसे महत्वपूर्ण हैं क्योंकि तभी जनता को पूरा लाभ मिलेगा। वे आज झारखंड मंत्रालय में राज्य विकास परिषद की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि एडवांस प्लानिंग करना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी 15 वर्ष का विजन, 7 वर्ष की रणनीति और 3 वर्षीय कार्य योजना बनाकर काम करने का आह्वान किया है। इसे ध्यान में रखते हुए ही मुख्यमंत्री बनने के बाद झारखंड में राज्य विकास परिषद का गठन किया। इस कमेटी ने तीन साल की कार्य योजना तैयार करके दी है। सभी मंत्रियों से बात कर विभागीय सचिव अपने-अपने सुझाव 15 दिन में दें। इसके बाद कार्ययोजना को अंतिम रूप देकर एक रोडमैप तैयार कर इसे धरातल पर उतारा जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के छह जिले जो विकास की दृष्टि से पिछड़े हैं, पहले उन जिलों को ऊपर लाना है। इन जिलों में कौन सा प्रखंड व पंचायत ज्यादा पिछड़ा है, इसकी सूची बनायी जाय। इन प्रखंड-पंचायतों में क्या समस्या है उसे तैयार करें, तभी योजनाएं लागू करने में आसानी होगी। योजनाएं टुकड़ों में न बनायें। अंब्रेला योजनाएं बनायें। तीन साल की योजना तैयार करें। इसे लागू करने के लिए एक-एक साल का रोडमैप बनायें। हर तीन माह में उपलब्धियों की समीक्षा करें, तो परिणाम जल्द सामने आयेगा। थोड़ी सी मेहनत से काफी सुधार आ जायेगा। हमें समर्पण व जुनून के साथ काम करना होगा। हमें तीव्र विकास करना है और विकास समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, इसे सुनिश्चित करें।

बैठक में राज्य विकास परिषद के सदस्य श्री टी नंदकुमार ने त्रिवर्षीय कार्य योजना का प्रारूप मुख्यमंत्री को सौंपा। इसे 12 सेक्टरों में बाटा गया है। सभी सेक्टर के लिए विकास योजनाओं का प्रारूप तैयार किया गया है। 

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाले इस बैठक में राज्य विकास परिषद के सदस्य एवं त्रिसदस्यीय उपसमिति के अध्यक्ष टी नन्द कुमार ने कहा कि झारखण्ड देश के सबसे अग्रणी राज्यों में है जिसने विकास के लिये त्रिवर्षीय कार्य योजना तैयार किया है। इसे पूर्णतः कार्यान्वित करने के लिये प्रत्येक सेक्टर के लिये सचिवों का समूह बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। 

राज्य की मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने कहा कि कार्य योजना से स्पष्ट दिशा मिलेगी तथा परिणामोन्मुख रोडमैप तैयार कर पूरे समर्पण से कार्य करने की आवश्यकता है। 

विकास आयुक्त श्री अमित खरे ने कहा कि वर्ष 2018-19 के बजट से पूर्व त्रिवर्षीय कार्य योजना से यह लाभ होगा कि सभी विभाग अपने बजट प्रस्ताव में इसे सम्मिलित कर सकेंगे।

इस बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा श्री टी नन्द कुमार, मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव श्री अमित खरे, उद्योग सचिव श्री सुनील कुमार बर्णवाल अर्थशास्त्री प्रो0रमेश शरण समेत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव समेत अन्य वरीय दाधिकारी उपस्थित थे।
 

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