कार्रवाई_* मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी सीमावर्ती राज्यों, जैसे- बिहार, छत्तीसगढ़, बंगाल, उड़ीसा, तेलंगाना एवं उत्तर प्रदेश के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ससमय आसूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। 

आसूचना आधारित अन्तर्राज्यीय उग्रवाद विरोधी अभियानों का संचालन भी लगातार किया जा रहा है। इसके लिए Joint Command Control Center, गया, बिहार का इस्तेमाल किया जाता है। जनवरी 2022 से अगस्त 2023 तक कुल 38 अन्तर्राज्जीय सीमा बैठकें आयोजित की गई है। 

Eastern Region Police Co-ordination की बैठक लगातार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीर्ष नक्सल नेतृत्व एवं उनके परिजनों / समर्थकों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। जमीनी आसूचना संकलन हेतु बड़ी संख्या में Special Police Officers की तैनाती क्षेत्रों में की गई है। 

केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न एजेन्सियों के बीच आपसी समन्वय स्थापित कर आसूचना संकलन की कार्यवाही की जा रही है। वहीं, झारखण्ड राज्य में 129 Fortified Police Station का निर्माण किया जा चुका है एवं 08 थानों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा भा०क०पा० (माओ०) के 05 संगठनों (क्रांतिकारी किसान कमिटी, नारी मुक्ति संघ, झारखण्ड ए-वन ग्रुप झारखण्ड सांस्कृतिक मंच, मजदुर संगठन समिति) को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही ऐसी संस्थायें जो गुप्त रूप से उग्रवादियों का समर्थन कर रहें हैं एवं उग्रवाद उन्मूलन अथवा विकास में बाधा बन रही है, ऐसी संस्थाओं पर निगरानी रखी जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2020 से अभी तक अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र, यथा सरायकेला- चाईबासा-खूँटी - राँची के सीमावर्ती क्षेत्र, बुढ़ा पहाड़, कोल्हान एवं पारसनाथ क्षेत्र में 48 सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की गई है। इससे उस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर ब्रेक लगी है। लोगों का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है तथा विकास के कार्यों में तेजी आयी है।

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