*तस्वीर में पैनल चर्चा में भाग लेते हुए ( बाये से दाये) वरिष्ठ पत्रकार मनोज प्रसाद, डॉ हरिश्वर दयाल, पुस्तक के लेखक अभिजीत कुमार चटोराज, श्रीनाथ श्रीधरन व सलोनी सिन्हा, संत जेवियर्स कॉलेज के प्राचार्य फादर तिरकी,प्रो बी के सिन्हा व रवि बाजपेयी।

पत्रकारिता समाज में बदलाव का कारण बन सकती है. प्रभात खबर इसका उदाहरण है. ये बातें राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश ने शनिवार को रांची के संत जेवियर्स कॉलेज में आयोजित अंग्रेजी पुस्तक - न्यूज़प्रिंट टू हार्टप्रिंट के विमोचन समारोह में कही. उन्होंने कहा कि प्रभात खबर में जब वे आये तो उनके समक्ष कई तरह की बाधायें थीं. 

लेकिन उन सबको एक चुनौती के रूप में लेते हुए टीम भावना के साथ प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित किया और स्थानीय लोगों की पीड़ाओं को मुद्दा बनाकर प्रमुखता से ख़बरें प्रकाशित की. स्थानीय लोगों और आदिवासी लेखकों प्रोत्साहित किया. 

भ्रष्टाचार पर प्रहार किया. राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सीरीज चलाया. श्री हरिवंश ने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद टीम भावना के साथ काम किया और पाठकों का विश्वास जीता. 

इस अवसर पर पैनल चर्चा में भाग लेते हुए पुस्तक के लेखक अभिजीत कुमार चटोराज, श्रीनाथ श्रीधरन व सलोनी सिन्हा के अलावा वरिष्ठ पत्रकार मनोज प्रसाद, प्रो बी के सिन्हा व रवि बाजपेयी ने पुस्तक पर अपने विचार रखे. 

लेखक अभिजीत ने कहा यह पुस्तक प्रबंधन पर आधारित एक रिसर्च बेस्ड डॉक्यूमेंट है. इसे हर विद्यार्थी को पढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में संस्थान के बेहतर प्रबंधन के बारे में अलग - अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा है. 

प्रभात खबर को देश का टॉप अख़बार बनाने में हरिवंश ने बेहतर प्रबंधन और नेतृत्व कौशल का उपयोग किया, जो दूसरों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा. लेखक श्रीनाथ श्रीधरन ने कहा किसी भी प्रोडक्ट को लोकप्रिय बनाने के लिए उसकी मार्केटिंग पॉलिसी और कमिटमेंट अहम् मायने रखता है. 

प्रभात खबर को आगे बढ़ाने में मार्केटिंग तकनीक का भी योगदान रहा और इससे हम सब बहुत कुछ सीख सकते हैं. लेखिका सलोनी सिन्हा ने कहा कि लीडरशिप के जरिये ही लीडरशिप पैदा होती है. यह पुस्तक लीडरशिप पर आधारित है और हर किसी के लिए इसमें कुछ सीख है. मौके पर पुस्तक पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ पत्रकार मनोज प्रसाद ने कहा कि एक पाठक किसी भी पुस्तक को कई तरह से परखता है तब खरीदता और पढता है. 

उन्होंने कहा कि यह पुस्तक हर तरह से इस पर खरा उतरता है. हर विद्यार्थी के लिए इसमें सीख है. बेहतर नेतृत्व और कुशल प्रबंधन ने प्रभात खबर को सफल बनाया. इसे एक उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है. विषय प्रवेश करते हुए अर्थशास्त्री डॉ हरिश्वर दयाल ने प्रभात खबर से जुड़ाव के अपने अनुभव साझा किये. 

उन्होंने कहा कि जीवन की दुविधाओं के बीच किस तरह के निर्णय लिए जाने चाहिए, इस पुस्तक में इन बातों पर विस्तार से चर्चा है. उन्होंने कहा कि पूंजी सिर्फ पैसा और संसाधन से नहीं बनती, बल्कि सामाजिक, अध्यात्मिक व भावनात्मक रूप से भी पूंजी कमाई जा सकती है. हरिवंश इसका उदाहरण हैं. समारोह में कई वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और विद्यार्थी उपस्थित थे.

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