*Images by IPRD

बच्चों गांधी जी ने हमें क्या सिखाया था... सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना, सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता। पूरी दुनिया आज उन्हें महामानव के नाम से जानती है... आप सभी झारखंड के भविष्य हैं..खूब मेहनत करें और सफल हों... साथ ही पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ना है और पढ़ाई के बीच में शादी नहीं करनी है अगर ऐसा होता है तो आप इसका विरोध करें.......उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने लोहरदगा के झीकी गांव स्थित सेंट लॉरेंस स्कूल में बच्चों से बातचीत के क्रम में कही। वहीं छोटे बच्चों ने मुख्यमंत्री से कहा कि आप आये यहां...आपको शत शत नमन। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों संग पौधरोपण भी किया।

लोहरदगा :  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1901 में स्वच्छता अभियान प्रारम्भ किया था। बापू ने स्वच्छ भारत, स्वच्छ भारत का सपना देखा था। ऐसी कल्पना की थी जहां कोई बेघर, बेदवा, ना रहे। आज उस सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरा करने का प्रयास हो रहा है। राष्ट्रपिता का 150वीं जयंती के शुभारंभ हो चुका है। तो क्यों ना बापू के चरणों में हम 2019 में स्वच्छ भारत, समृद्ध भारत और समरस भारत अर्पित करें। 2022 तक नया भारत नया झारखण्ड बनाने का प्रयास करें। यह तभी पूरा होगा जब हम अपने गांव में बदलाव की बयार चलायेंगे, तब नया झारखण्ड का अस्तित्व में आएगा, तभी नया भारत का सपना पूर्ण होगा। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम के समापन और 121 दिनों तक आयोजित स्वच्छता जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए कही। 
मुख्यमंत्री दास ने कहा कि ग्राम चौपाल और आपसे संवाद का उद्देश्य जनशक्ति और सरकार की शक्ति को मिलाकर झारखण्ड का समग्र विकास करना है। यह जनशक्ति ही तो है कि राज्य में 99 प्रतिशत खुले में शौच से मुक्त हो चुका है। अब हमसब को मिलकर शौचालय के उपयोग हेतु लोगों को जागरूक करना है। साथ ही अधूरे और छुटे हुए शौचालय का निर्माण सुनिश्चित करना है, जिसमें जिला प्रशासन आपको सहयोग करेगा। इस कार्य में शामिल की गईं राज्य की 38 हजार जल सहिया को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि तुष्टिकरण नहीं जनकल्याणकारी योजनाओं से गांव, गरीब,किसान सभी को आच्छादित करने का लक्ष्य है.

जनकल्याण हेतु लागू की जा रही योजनाओं का लाभ सभी को मिल रहा है और मिलेगा। किसी तरह का भेदभाव इस कार्य मे नहीं होगा। योजनाओं से आच्छादित करने हेतु सरकारी तंत्र कार्य कर रहा है। युवाओं, महिलाओं और समाज के अन्य लोगों को भी योजनाओं के प्रति जागरूक होने और अन्य में जागरूकता का संचार करने की आवश्यकता है। आप जहां भी हैं ईमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करें। 32 हजार गांव और राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता अगर संकल्प ले तो परिस्थितियों में बदलाव होकर रहेगा। सरकारी चिकित्सक इलाज में लापरवाही नहीं बरतें, देश सेवा करें
 

--------------------------Advertisement--------------------------Birsa Jayanti

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, बुधु भगत की पावन धरा से प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का शुभारंभ किया है, जिसका लक्ष्य गरीबों के जीवन में बदलाव लाना और उन्हें इस योजना से लाभान्वित करना है।  जिस गरीब से सरकारी चिकित्सकों को तनख्वाह मिलती है, वे डॉक्टर गरीबों के इलाज में कोताही नहीं बरतें। सरकार के पास अब विकल्प के तौर पर निजी अस्पताल हैं, जिन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जा चुका है। अब गरीब भी बड़े और अत्याधुनिक अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। उनके साथ आयुष्मान भारत योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी, मुखिया या सरकार में शामिल सभी अंग ईमानदारी से कार्य करें। यही देश सेवा है और इस सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुखिया के पति मुखिया ना बनें। वे अपनी मुखिया पत्नी को कार्य करने दें। क्योंकि देश, राज्य, समाज और परिवार तभी आगे बढ़ेगा जब देश की महिलाओं का सशक्तिकरण होगा। आज महिलाएं ही कुटुंब व्यवस्था संचालित कर रहीं हैं। महिलाओं का आगे बढ़ना है। यह कार्य सरकार लगातार करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुखिया पर गांव के विकास की जिम्मेदारी दी गई है। बापू ने भी पंचायती व्यवस्था की कल्पना की थी। मुखिया गांव में बैठक कर विकास कार्य करें। कुछ मुखिया अपने उद्देश्य से भटक गए हैं। वे अपने अंदर कर्तव्यबोध जागृत कर जन सहयोग से विकास कार्य के भागीदार बनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 4 वर्ष में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष कार्य हुए हैं। सरकार का मानना है कि एक गरीब का बच्चा भी स्वाभिमान के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ग्रहण करें। इस निमित कार्य हुए। राज्य के 34 हजार बेंच डेस्क विहीन विद्यालय में बेंच डेस्क की व्यवस्था कर दी गई है। बिजली को सुदृढ़ करने का कार्य 60 ग्रिड और 257 सब स्टेशन के माध्यम से किया जा रहा है। बिजली आना जाना जल्द रुकेगा। व्यवस्था व्यवस्थित होगी। राज्य में 108 एम्बुलेंस की सेवा लोगों को राहत दे रही है, अब आयुष्मान भारत योजना से झारखण्ड का हर गरीब आयुष्मान बनेगा। 

चौपाल एवं जन संवाद में परदेशिया उराईन, तेतरी, सितो उराईन, सुखमनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें राशनकार्ड नहीं मिला है, इसपर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को निर्देशित किया कि गांव गांव शिविर लगाकर जरूरतमंदों की पहचान कर राशनकार्ड प्रदान करें। इस कार्य मे कोताही नहीं बरती जाय। मौके पर अनिल उरांव ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले वर्ष उसका धान जल गया था और मुआवजा की प्रतीक्षा है। इसपर मुख्यमंत्री ने तत्काल उपायुक्त को मुआवजा प्रदान करने का निदेश दिया।
झीको बड़कटोली के सोमरा उरांव ने  मुख्यमंत्री को बताया कि एक सामुदायिक भवन बनवा दें। सांस्कृतिक कार्यक्रम में परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने सोमरा को भरोसा दिया कि जल्द राज्य भर में अखड़ा का निर्माण होगा। जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आसानी से गांव वाले कर सकेंगे।

मौके पर मुख्यमंत्री ने गणपत महली, हीरा महली, विनोद समेत अन्य दो को आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड प्रदान किया। 

मुख्यमंत्री दास से मिलने आए टाना भगतों के एक समूह ने जमीन से संबंधित समस्याओं को रखा, जिस पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को निर्देश दिया कि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले टाना भगतों की सभी समस्याओं का निदान करें, उनकी जमीन से संबंधित मामले पर जल्द कार्रवाई कर सूचित करें। टाना भगतों द्वारा ला गया चरखा भी मुख्यमंत्री ने चलाया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जनजाति मामले सुदर्शन भगत, उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

must read