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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि पूर्वी भारत का विकास देश के समग्र विकास के लिए जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी भारत के विकास और उसके नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया है। चार साल के बाद उनका असर दिखने लगा है। झारखंड में भी विकास को लेकर योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने होटल बीएनआर चाणक्य में एक मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम "पूर्वोदय" में कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में सांस्कृतिक पर्यटन के विकास की विशेष संभावना है। इन क्षेत्रों में आयुर्वेद की दृष्टि से भी विशेष विकास की संभावना है। यह क्षेत्र भारत का लघु भारत है। इस क्षेत्र के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा है। साहिबगंज में फोरलेन गंगा पुल के निर्माण से झारखंड पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़ता हुआ म्यंमार तक जुड़ जाएगा और पूर्वी भारत के विकास का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यहां तक झारखंड के विकास की बात है 14 सालों की राजनीतिक अस्थिरता के बाद हमने एक स्थिर और बहुमत की सरकार के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त व पारदर्शी शासन की शुरुआत झारखंड में की है। कभी झारखंड की पहचान भ्रष्टाचार के साथ होती थी, आज स्थिति बदल गयी है। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति रही है। आज देश-दुनिया में झारखंड के विकास की बात होती है। आज झारखण्ड का विकास दर में देश का दूसरा राज्य है।  झारखंड को विकास कार्यों के लिए पुरस्कार मिल रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही झारखंड नक्सल मुक्त हो जायेगा। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। आज जनता के सहयोग और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से तीन जिले नक्सल मुक्त हो गये हैं। पांच और जिले जल्द ही नक्सल मुक्त हो जायेंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से चलाये जा रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले का अकूत भंडार होते हुए भी झारखंड में बिजली की समस्या रही है। इसका कारण रहा है आधारभूत संरचना का नहीं होना। हमें 118 ग्रिड की जरूरत है, उसकी तुलना में केवल 38 ग्रिड ही हैं। वर्तमान सरकार ने 80  ग्रिड सबस्टेशन बनाने पर कार्य प्रारंभ किया है. आने वाले 1 वर्ष  में सारे ग्रिड बन कर तैयार हो जायेंगे। आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण होने से लोगों को  24 घंटे निर्बाध बिजली मिल सकेगी.  

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के खनन क्षेत्रों में दूषित पेयजल बड़ी समस्या रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ड्रिस्ट्रिक माइनिंग फंड के तहत प्राप्त रॉयल्टी का 30 प्रतिशत राशि उस क्षेत्र पर खर्च करने का अवसर दिया है। हमारी सरकार उस राशि को शतप्रतिशत व्यय कर पाइपलाइन के माध्यम से इन क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में स्थाई सरकार बनने के बाद विकासात्मक कार्यों में तीव्र गति आई है. सभी सेक्टरों में विकास के नए आयाम गड़े गए हैं. महिला सशक्तिकरण को लेकर भी झारखंड में अच्छा कार्य किया गया है. पूरे राज्य में एक लाख एक्क्यावन हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह को जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से 17 लाख महिला स्वरोजगार से जुड़ीं हैं। महिला स्वयं सहायता समूह को बैंक से 4 लाख तक का ऋण सरकार उपलब्ध करा रही है. राज्य में महिलाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर विभिन्न प्रकार के रोजगार से जोड़ा जा रहा है. महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को राज्य सरकार स्मार्ट फोन भी उपलब्ध करा रही है ताकि वे अपने कार्यों से संबंधित सूचनाएं, संवाद एवं अन्य गतिविधि का आदान-प्रदान इंटरनेट के माध्यम से आसानी से कर सके. उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक उन्नयन के लिए राज्य सरकार 50 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर मात्र 1 रुपये में कर रही है. पिछले 1 वर्ष में लगभग एक लाख से अधिक महिलाओं ने अपने नाम पर रजिस्ट्री करवाई हैं और संपत्ति का मालकिन बनी है. राज्य में लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए तेजस्विनी योजना की भी शुरुआत की गई है. लड़कियों को कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है ताकि वे अपने हुनर को अपनी शक्ति बनाते हुए रोजगार से जुड़ सकें.

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में स्वच्छ भारत मिशन अभियान साकार होता दिख रहा है. पूरा राज्य 99% ओडीएफ हो चुका है. दिसंबर 2018 तक झारखंड शत-प्रतिशत ओडीएफ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना सहित कई लोक कल्याणकारी योजनाओं को प्रतिबद्धता के साथ धरातल में उतारा गया है. इन योजनाओं का लाभ विकास के रास्ते पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना राज्य सरकार का ध्येय है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मोमेंटम झारखंड के तहत रोजगार का सृजन हुआ है. सरकार गठन होने के बाद राज्य में स्थानीय नीति लागू की गई है. स्थानीय नीति लागू होने के पश्चात झारखंड के युवाओं को सरकारी नौकरी में शत-प्रतिशत जगह मिली है. स्थानीयता नीति लागू होने के बाद लगभग एक लाख  सरकारी नियुक्ति में 95% झारखंड के स्थानीय युवाओं को नौकरी दी गई है. ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट का लाभ राज्य के युवा वर्गों को मिल रहा है. पिछले दिनों स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर एक प्लेटफार्म से 27000 से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है. हर सेक्टर में रोजगार का सृजन करना सरकार की प्राथमिकता रही है.

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