*झारखंड की टीम नेशनल बैंड कंपटीशन के पाइप बैंड बालिका वर्ग में प्रथम हुई। रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ जी के द्वारा पुरस्कृत किए गए

* ये है पीएम श्री पटमदा पूर्वी सिंहभूम झारखंड की गांव से लेकर दिल्ली तक की सफर का एक सफल यात्रा 

बिहार राज्य से अलग होकर 15 नवंबर 2000 ई को झारखंड पांच प्रमंडलों और 24 जिलों के साथ एक अलग राज्य बनता है। इन पांच प्रमंडलों में एक प्रमंडल है कोल्हान प्रमंडल जिसमें तीन जिले आते हैं पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम एवं सरायकेला खरसावां।

यह प्रमंडल अपनी सांस्कृतिक विरासत एवं खनिज संपदा से भरी हुई प्रमंडल है जिसका साक्षात उदाहरण टाटा औद्योगिक घराना ।

विश्व की सबसे पुरानी जनजातीय चित्रकला पेटकार एवं सरायकेला खरसावां में छौ नृत्य की उत्पत्ति से अंदाजा लगाया जा सकता है ।पूर्वी सिंहभूम जिले में जहां टाटा औद्योगिक कार्यों के लिए विश्व में जाना जाता है इसी जिले से पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय पटमदा आती है जो जिले मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र का एक प्रखंड है।

अपनी भौगोलिक जनजातीय एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ते हुए पीएम श्री केजीबीवी पटमदा की बच्चियों ने पिछले 3 वर्षों से लगातार पाइप बैंड का अभ्यास करते आ रही है ।इस वर्ष 2024 -25 के अंतर जिला स्कूल बैंड प्रतियोगिता में रांची के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में पहली बार पिछले बार की विजेता टीम जामताड़ा ,कर्माटांड़ को पीछे करते हुए रांची जिला के शक्तिशाली टीम को पीछे करते हुए पाइप बैंड में प्रथम स्थान प्राप्त कर जोनल लेवल बैंड कंपटीशन गुवाहाटी के लिए अपनी जगह पक्की की और एक महीने के कड़े अभ्यास और दृढ़ निश्चय ने उनकी मेहनत को रंग लाई ।

नवंबर महीना और दिसंबर महीने के कड़ाके के ठंड में बच्चियों सुबह 5:00 बजे से अभ्यास के लिए मैदान में आती और शाम के 5:00 तक अभ्यास करती ।जिसके परिणाम स्वरुप जोनल लेवल बैंड कंपटीशन में पाइप बैंड बालिका वर्ग में प्रथम आती है ।

और नेशनल लेवल बैंड कंपटीशन के लिए क्वालीफाई करती है।इनके इस अभ्यास में सिख रेजीमेंट मिलिट्री बैंड के प्रशिक्षको एवं पंजाब रेजीमेंट रामगढ़ सेंटर के प्रशिक्षिको के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया ।

वहीं राज्य के बैंड मास्टर प्रेम राणा जी, देवेंद्र बेहरा जी ,दिवाकर जी, अनीश जी शिक्षिका सारू हांसदा के देखरेख में पूरा प्रशिक्षण का आयोजन किया गया और इस कार्य के लिए समन्वय के रूप में हमारे शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षक चंद्र देव सिंह को समन्वयक बनाया गया ।

जिन्होंने अंतर जिला बैंड कंपटीशन से लेकर जोनल लेवल के बैंड कंपटीशन और नेशनल बैंड कंपटीशन के लिए एक कड़ी के रूप में प्रशिक्षको और बच्चों के बीच में समन्वय में स्थापित किए गए। और यह पूरी परिकल्पना राज नोडल ऑफिसर श्री धीर सेन ए सोरेंग जो पिछले 10 वर्षों से बैंड को राज्य में खासकर सरकारी विद्यालय के बच्चों के बीच में स्थापित करने में लगे हुए हैं । 

इतनी सीमित साधनों के बावजूद आज राज्य के लगभग सभी सभी जिलों के सरकारी विद्यालयों तक बैंड को पहुंचने में सफल हुए हैं श्री धीर सेन ए सोरेंग की दूरदृष्टता का परिणाम है कि आज यह बच्चे नेशनल लेवल बैंड कंपटीशन और गणतंत्र दिवस के परेड में शामिल हुए।

डिस्ट्रिक्ट लेवल कंपटीशन के बाद एक माह का प्रशिक्षण शिविर का निर्णय सोरेंग जी का ही था कि बच्चे अगर अभ्यास एकजुट होकर एक स्थान पर अगर करेंगे तो परिणाम जरूर आएंगे ।तो आज अगर हमारे बच्चे यहां पर उपस्थित है ।

गणतंत्र दिवस के परेड में शामिल हो रहे हैं तो उनके पीछे केवल एक ही व्यक्ति हैं वह है राज्य नोडल ऑफिसर धीरसेन ए सोरेंग ।जिन्होंने बच्चों के लिए जोनल कंपटीशन जाने के पूर्व और नेशनल कंपटीशन जाने के पूर्व लगभग 3 महीने का प्रशिक्षण कराया ।

उन्होंने कहा कि अगर बच्चे घर चले जाएंगे ,तो बच्चे बिखर जाएंगे और सब बिखर जाएगा इसलिए नेशनल तक कोई भी छुट्टी नहीं मिलेगी ।

नेशनल के बाद ही नहीं छुट्टी मिलेगी और यह जो निर्णय उन्होंने लिए कुछ समय हमें लग रहा था की कड़े निर्णय है ।लेकिन आज उनकी दूर दृष्टि हम सबके सामने है ।बच्चों के भलाई के लिए बच्चों के भविष्य के लिए लिया गया निर्णय आज सार्थक हुआ ।

आज हम इस गणतंत्र दिवस के परेड में दिल्ली में अपनी दस्तक अपने राज्य की परचम लहराने के लिए उपस्थित है। इस 25 सदस्य पाइप बैंड बालिका टीम के सभी सदस्य के माता-पिता खेती बाड़ी या दैनिक मजदूरी का कार्य करते हैं जो काफी गरीब परिवार से आते हैं ।

इसलिए यह बच्चे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वहीं पर रहकर अध्ययन करते हैं इस 25 सदस्य बालिका टीम में सबसे कम आयु की बच्ची 13 वर्ष की है इस 25 सदस्य टीम के सदस्यों में टीम लीडर पार्वती महतो है जिनके नेतृत्व में पूरा बंद टीम अपना प्रदर्शन करता है आइए हम झारखंड की पाइप बैंड बालिका टीम से आपका परिचय कराते है। 

झारखंड के इस बैंड दल में पार्वती महतो, आशालता महतो, पिंकी, कल्याणी महतो, ममता महतो, बसंती महतो, वर्षारानी मांझी, वसंती महतो, साधना महतो, सुभद्रा कर्मकार, रुपाली टुडू, परमिला महतो, रुमा महतो, कल्पना टुडू, पूजा रानी महतो, पूजा महतो, रिया महतो, छाया महतो, सविता महतो, उषारानी सोरेन, पल्लवी महतो, इबिल हांसदा, सुकर्माणि सोरेन, बरनाली मांझी शामिल है। यह सभी पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, पटमदा में कक्षा 8वीं से कक्षा 12वीं तक की छात्राएं है।

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