*Image credit IPRD, Jharkhand

कृषि में लगातार लागत बढ़ रही है। उस एवज में किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। कृषि में तकनीक का इस्तेमाल कर लागत कम करने के साथ ही उपज बढ़ायी जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार किसानों को नयी तकनीक व आधुनिक खेती की जानकारी के लिए इजरायल भेज रही है। ये किसान वहां से खेती की नये तरीके सीख कर झारखंड के किसानों को भी प्रशिक्षित करेंगे। उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहीं। वे इजरायल जानेवाले किसानों के दूसरे जत्थे में शामिल 21 किसानों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणी करने का लक्ष्य रखा है। पारंपरिक खेती से यह संभव नहीं है। कृषि के साथ साथ बागवानी, दूग्ध पालन, मत्स्य पालन, फल-सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना जरूरी है। झारखंड में सब्जी का उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। खाड़ी देशों में ऑर्गेनिक सब्जियों की काफी मांग है। सरकार किसानों को बाजार उपलब्ध कर रही है। किसानों की मदद के लिए ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट का आयोजन किया जा रहा है। यहां किसानों को नयी तकनीक के साथ ही बाजार की जानकारी भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अपने अपने क्षेत्र में को-ऑपरेटिव बनायें। उन्हें सरकार सबसिडी में उपकरण, पशु व जरूरत की चीजें उपलब्ध करा रही है। राज्य में बड़ी संख्या में 30 मैट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज बन रहे हैं। इनके संचालन का काम भी किसानों की को-ऑपरेटिव को दिया जायेगा। उन्होंने किसानों से खेती में कैमिकल के उपयोग नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि इससे बीमारियां होती है और जमीन भी 4-5 साल में बंजर हो जाती है। खेत की मेड़ पर फलदार वृक्ष लगायें, इससे मेड़ का उपयोग होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। किसानों की बिजली की समस्या के समाधान के लिए सरकार कृषि के लिए अलग फीडर बना रही है। अगले साल से यह काम करना शुरू करेगा। इससे किसानों खेती के लिए को प्रतिदिन छह घंटे बिजली मिलेगी।

इजरायल जानेवाली टीम का नेतृत्व दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार करेंगे। उनके साथ गुमला उपायुक्त शशिरंजन, कृषि विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी प्रदीप कुमार हजारी, समिति के निदेशक डॉ एम0एस0ए0 महालिंगम शिवम, जसमिन के सीइओ राजेश प्रसाद सिंह तथा जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा टीम में होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार बर्नवाल, कृषि सचिव पूजा सिंघल समेत अन्य लोग उपस्थित थे।
 

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