*Image credit IPRD

नवंबर के त्योहारी माह में जहां आम लोग पर्व की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं प्रशासन त्योहार को सुखद बनाने की तैयारियों में जुट गया है। मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने नवंबर के त्योहारी माह में विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन को सतर्क और चुस्त-दुरुस्त रहने का निर्देश दिया है। वहीं त्योहारों की अलग-अलग प्रकृति के अनुसार मुकम्मल तैयारी समय रहते करने का निर्देश दिया।

उन्होंने दशहरा के अवसर पर बेहतर तैयारी करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस बार भी व्यवस्था ऐसी करें कि प्रशासन हर मौके और जगह पर चुस्त-दुरुस्त नजर आए। उन्होंने निर्देश दिया कि पर्व-त्योहार के अवसर पर बाहर से भारी संख्या में लोग अपने मूल निवास स्थान पर आते हैं, इनकी सुविधा और सुरक्षा पर भी विशेष नजर रखे। उन्होंने सभी उपायुक्तों से राज्य स्थापना दिवस पर झारखंड सम्मान के लिए अपने-अपने जिले से उल्लेखनीय कार्य करनेवाले लोगों का प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया। मुख्य सचिव प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में वरीय अधिकारियों संग सभी उपायुक्तों और आरक्षी अधीक्षकों से विभिन्न पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था की तैयारियों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुखातिब थे। 

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि त्योहारी मौसम में बाजार में काफी भीड़ होगी, ऐसी स्थिति में वहां लगे सीसीटीवी सक्रिय रहने चाहिए। गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने काली पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन पर खास ध्यान रखने का निर्देश दिया। कहा कि किसी भी हालत में तय विसर्जन जुलूस मार्ग परिवर्तित नहीं होना चाहिए। वहीं छठ पर्व में महिलाओं की भारी भागीदारी के मद्देनजर छठ घाटों और मार्गों पर ज्यादा संख्या में महिला कर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया। उन्होंने दीपावली के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पटाखे छोड़ने का समय रात आठ से 10 बजे रात्रि तक ही सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि इसकी भी व्यवस्था करें कि किसी भी हाल में रात दस बजे के बाद लाउडस्पीकर नहीं बजे। 

डीजीपी डीके पांडेय ने त्योहार के अवसर पर होनेवाली भीड़ को नियंत्रित करने और सतत निगरानी पर बल देते हुए वाच टॉवर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। वहीं लाउडस्पीकर से किसी भी हाल में आपत्तिजनक सीडी नहीं बजे, इस पर विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने पूर्व की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयारी का निर्देश देते हुए कहा कि कंट्रोल रूम पूर्ण रूप से कार्यरत रहे, इसकी व्यवस्था कर लें। विधि-व्यवस्था में लगे लोगों की ड्यूटी शिफ्ट में लेने का निर्देश दिया। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे जैसे सार्वजिनक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। साथ ही छठ घाटों और मार्गों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। एडीजी आरके मल्लिक ने दीपावली के दौरान आग से जलने की घटनाओं पर ध्यान आकृष्ट करते हुए निर्देश दिया कि तमाम अस्पतालों में जलने के मामलों में तत्काल इलाज सुलभ होना चाहिए। वहीं छठ घाटों पर डूबने की घटना को रोकने के लिए गोताखोरों की तैनाती करने को कहा।

एडीजी अनुराग गुप्ता ने कंट्रोल रूम को विधि-व्यवस्था और आकस्मिक दुर्घटना के मामलों के मद्देनजर पूर्ण कार्यशील करने पर बल देते हुए कहा कि छठ घाटों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से बैरिकेडिंग कराई जाये। यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पटाखों के गोदाम रिहाइसी इलाके में नहीं हों। गौरतलब है कि इस माह धनतेरस, काली पूजा, दीपावली, छठ, ईद मिलाद उन-नबी और गुरु पर्व विभिन्न तिथियों पर मनाए जाएंगे।
 

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