Photo: IPRD

आज यह देख कर हर्ष हो रहा है कि झारखण्ड को पहली बार कोई ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो पूरी प्रतिबद्धता से गांव के विकास, गरीबों का सशक्तिकरण, किसानों की उन्नति के बारे सोचता है और उस निमित कार्य को अंजाम देता है। यह राज्य किसानों का अपने मुख्यमंत्री के प्रति विश्वास का ही परिणाम है कि झारखंड मछली उत्पादन में दक्षिण के राज्यों को पीछे छोड़कर आज देश मत्स्य उत्पादन में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। वर्ष 2013-14 में जहां 1 लाख टन उत्पादन हुआ था वहीं 2018- 19 में 2 लाख टन मछली का उत्पादन हुआ। जबकि मत्स्य बीज उत्पादन में तो झारखण्ड 181% की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2013 – 14 में 100 करोड़ मत्स्य बीज का उत्पादन हुआ जबकि 2018-19 में 1060 करोड़ बीज का उत्पादन किया गया। उपरोक्त बातें केंद्रीय कृषि एवं कृषि कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहीं. सिंह गुरुवार को खेलगांव में आयोजित वैश्विक कृषि शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य आपदा कोष में वृद्धि हुई, राज्य के किसानों को मिला सुरक्षा कवच

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार गठन के बाद किसानों को सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य आपदा कोष में वृद्धि की गई। 4 वर्ष पूर्व यह कोष  33 करोड़ का था जिसे बढ़ा कर 61 करोड़ कर दिया गया। 21 करोड़ की राशि का वितरण इस मद में राज्य सरकार कर चुकी है। आज धान की लागत कम और फायदा ज्यादा है क्योंकि सरकार ने 2013-14 में लागू 961 रुपये को बढ़ा कर 2018-19  में 1750 रुपये कर दिया। जैविक खेती हेतु झारखण्ड में 250 क्लस्टर का निर्माण हुआ है। कृषि यांत्रिकीकरण के लिए राज्य को 2014 से पहले कुछ नहीं मिलता था लेकिन 4 साल में 12 करोड़ 37 लाख की राशि दी गई ताकि छोटे किसानों को सस्ते दर पर कृषि यंत्र मिल सके। लाह उत्पादन हेतु 4  वर्ष पूर्व तक 600 करोड़ का आवंटन होता था सरकार ने 4साल में 1,128 करोड़ की राशि आवंटित की है।

कुशल मानव संसाधन हेतु कार्य हो रहा है

सिंह ने कहा कि झारखंड के हजारीबाग में बन रहे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ बायो टेक्नोलॉजी का उद्घटान 2019 जनवरी में होगा। इसके माध्यम से हम।कृषि के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद जो आपने राज्य में एक और कृषि विश्वविद्यालय बनाने की सोंची। तकनीक को विकसित करने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। किसान इस मेरुदंड को सशक्त करें. केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि झारखण्ड लगातार सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है लेकिन दुग्ध उत्पादन में किसानध्यान नहीं दे रहें हैं। किसान भारत की मेरुदंड पशुधन को मजबूत करें। सरकार ने देशी नस्ल के संरक्षण की दिशा में कार्य कर रही है। 1 हजार कृत्रिम गर्भधारण केंद्र की स्थापना की गई है। देशी नस्ल के संरक्षण हेतु पूर्व की सरकार द्वारा 8 करोड़ दिए गए थे। विगत 4 साल में इस कार्य के लिए 58 करोड़ की स्वीकृति दी गई, जिसके तहत 25 करोड़ की राशि निर्गत कर दी गई है।

गांधी जी के सपने को साकार करने की दिशा में हो रहा है.

सिंह ने कहा कि देश की आजादी के बाद महात्मा गांधी जी का स्पष्ट सपना था कि गांव और किसान को सशक्त बनाना है। लेकिन गांधी जी का यह सपना कहीं पीछे छूट गया और आशा के अनुरूप सपना धरातल पर नही सका। इसके निमित प्रयास हुए लेकिन सफलता नहीं मिली। अब केंद्र सरकार 2006 में किसानों के उत्थान के लिए लाई गई स्वामी नाथन के किसान कल्याण हेतु 201 सुझाव पर कार्य जर रही है इस हेतु किसान कल्याण के कई निर्णय लिये गये। 2018-19 में 2 लाख 11 हजार करोड़ का बजटीय निवेश किया गया। कॉर्पस फण्ड का निर्माण हुआ। 99 बड़ी परियोजनाओं में से 40 का कार्य पूर्ण हो चुका है ।

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