Representational Pic

अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार दिनांक 17-12-2018 को बैंक ऑफ इंडिया, रांची आंचलिक कार्यालय के नीचे शाम 5.15 बजे प्रदर्शन किया, जिसमें सभी बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने लंबे समय से लंबित वेतन बढ़ोतरी और हफ्ते में 5 कार्यदिवस की मांग को तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात रखी और तृतीय पक्ष के उत्पादों की गलत बिक्री को रोक, एनपीए रिकवरी करना, बैंक के मूल वास्तविक कार्य को करना तथा बैंकों के विलय के विरोध में रोष प्रदर्शित किया।

इस मौके पर अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ, झारखंड राज्य के अध्यक्ष कॉमरेड सुनील लकड़ा ने वेतनवृद्धि में देरी के लिए कड़े शब्दों में सरकार और भारतीय बैंकिंग संघ की निंदा की जो कि नवंबर 2017 से होनी चाहिए थी और अधिकारियों की तत्काल प्रभाव से वेतनवृद्धि की मांग की। अपनी मांगों को मनवाने के लिए बैंक अधिकारी 21 दिसंबर 2018 को 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे।

इस मौके पर बोलते हुए कॉमरेड राजन कुजूर उपाध्यक्ष अखिल भारतीय बैंक अधिकारी संघ, झारखंड ने कड़े शब्दों में सरकार की बैंकों के विलय की नीति की निंदा की और कहा “एक तरफ तो सरकार छोटे-छोटे नए बैंकों को लैसेंस जारी कर रही है और दूसरी तरफ कमजोर बैंक के नाम पर राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय किया जा रहा है।” उन्होने कहा कि 21 दिसंबर को होने वाली सभी बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पूरी तरह से सफल होगी। अपने अच्छे दिन की आस में खराब मौसम, भारी ठंड और बरसात होने के बावजूद भी भारी संख्या में बैंक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। 

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