*Image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज खूंटी के अनिगड़ा स्थित इंडियन आॅयल काॅरपोरेषन के नवनिर्मित स्मार्ट टर्मिनल का उद्घाटन किया। उद्घाटन के उपरांत मुख्यमंत्री ने टैंकर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री एवं पेट्रोलियम मंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि पारादीप से रांची, रायपुर को जोड़ने वाली पाईपलाईन जो तीन राज्य उड़ीसा, झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है और यह टर्मिनल राष्ट्र को समर्पित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच कनेक्टिविटी से है चाहे वह पाईपलाईन का हो, सड़क या गैस का हो चाहे जनता के साथ कनेक्टिविटी हो। पहले हमारे यहां रांची के नामकुम में ट्रेनों के माध्यम से आती थी। अब सीधे पाईपलाइन के द्वारा हमारे झारखण्ड के खूंटी एवं देवघर में आएगा एवं पूरे राज्य में इसका वितरण होगा। यह कोल्हान एवं दक्षिणी छोटानागपुर रेंज का व्यावसायिक केन्द्र आज भगवान बिरसा मुण्डा के साथ राष्ट्र को समर्पित है। यहां के जनप्रतिनिधियों ने अपनी जिम्मेवारी निभाकर जनता के आह्वान को ध्यान में रखा। आज हमारे बीच पूर्ण होकर यह टर्मिनल खड़ा है। खूंटी जिला भगवान बिरसा मुण्डा की जन्मस्थली एवं कर्मस्थली दोनों है।

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि बिरसा मुण्डा एक गरीब परिवार में जन्म लिया किन्तु उन्होंने मुण्डारी संस्कृति, झारखण्डी संस्कृति को बढ़ाने का कार्य किया। मात्र 20 वर्ष की उम्र में उनके अंदर देषभक्ति का जुनून था। वे कभी अंग्रेजों के सामने नहीं झुके। खूंटी जिला आजादी के 70 सालों के बाद भी पिछड़े जिलों में आता है। 70 सालों में इस क्षेत्र में विकास नहीं हुआ। वर्तमान सरकार के कुछ वर्ष के कार्यकाल में हमने रोडमैप बनाकर विकास का कार्य किया। विजन डाॅक्युमेंट में रोडमैप बनाकर विकास स्वास्थ्य, षिक्षा, रोजागार, पीने का पानी के लिए हमने कार्य किया। उन्होंने कहा कि बिना प्लानिंग के कुछ नहीं होगा। विजन में आउटपुट आनी चाहिए जिससे लोगों को फायदा हो। बिल्डिंग तो बहुत बने पर उसके साथ षिक्षा के क्षेत्र में विकास हो, षिक्षकों की नियुक्ति हो। हमारी संस्कृति के लिए भगवान बिरसा मुण्डा ने आंदोलन किया। भारत 200 वर्ष अंग्रेजों का गुलाम रहा फिर भी यहां की संस्कृति को मिटा नहीं सका क्योंकि हमारी संस्कृति गांवों में बसती है। यदि आप अपनी संस्कृति से प्यार करते हैं तो बिरसा मुण्डा की तरह बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई कपटपूर्ण कार्य करेगा तो उसे होटवार जेल भेज दिया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिरसा मुण्डा की धरती है यहां लोकतंत्र और जनता का शासन चलेगा। उन्होंने कहा कि कोई कितनी बड़ी हस्ती ही क्यों न हो, लोकतंत्र एवं कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को सरकार नहीं छोड़ेगी। हम गरीब हैं लेकिन हमारा धर्म बिकाउ नहीं है। 

उन्होंने कहा कि खूंटी तीन साल के अंदर विकसित जिला की श्रेणी में होगा। खूंटी, रांची से सटा हुआ जिला है इसके विकास के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसका विकास तेजी से होगा। गरीबी, अषिक्षा, डायन प्रथा, अंधविष्वास आदि लोगों को भरमाने का कार्य है। हम चाहते हैं कि खूंटी जिला षिक्षित जिला बने। उन्होंने लोगों से अपील की कि आप किसी बुजुर्ग को लिखना पढ़ाना सिखाएं। ज्ञान बांटने से बढ़ता है। समाज के एक-एक लोगों की जिम्मेवारी होनी चाहिए। उन्होंने आरा-केरम गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि आरा  गांव के लोगों के प्रयास से आज नषामुक्त हो चुका है। वहां के सभी बच्चे स्कूल जाते हैं। एक लड़का जो नषे का आदि था सूकर पालन कर प्रति वर्ष 3 लाख रू0 कमाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बहुत ताकत है। हर गरीब जो बी.पी.एल. है उन्हें रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव के षिक्षित बेरोजगारों को चिन्हित कर प्रषिक्षण देने का कार्य किया जा रहा है। इस साल झारखण्ड में महिलाओं ने 9 लाख कम्बल का निर्माण किया है। सभी कम्बल सरकार खरीदेगी। उन्होंने गांव वालों से कहा कि आप समूह बनाकर मधुमक्खी का पालन करें, शहद निकालें, सरकार उसे खरीदेगी। यहां की आॅर्गेनिक शहद की मांग विदेषों में भी है। उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री बने हैं कोई आसान कार्य के लिए नहीं, शासन चलाने के लिए भी नहीं, हम आए हैं जटिल कार्य के लिए, गरीबी को मिटाने के लिए। और गरीबी को मिटाने के लिए बहुत सी योजना बना रहे हैं। इसके लिए  ‘‘जोहार’’ योजना की शुरूआत की  जा रही है। जिसके तहत् मुर्गी, बकरी, सूकर पालन के लिए सरकार 4 लाख रू0 दे रही है। मुर्गी से अंडे का उत्पादन होगा उसे आप स्कूलों में बेचा जा सकता है अन्यत्र जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि गरीब किसानों के आय में 2022 तक दुगुनी हो। झारखण्ड में 4 जिला से सबसे अधिक पलायन होता है। हमने 500 करोड़ का तेजस्विनी योजना बनाया है जिसके तहत् 14 से 24 वर्ष के बच्चियों को पढ़़ाने से लेकर कौषल विकास के तहत् विभिन्न ट्रेडों म में प्रषिक्षण देकर रोजगार मुहैया कराया जाएगा।  

मंत्री, ग्रामीण विकास श्री नीलकंठ सिंह मुण्डा ने कहा कि  भगवान बिरसा मुण्डा की धरती में आज हम विकास के नये आयाम को प्राप्त कर रहे हैं। आज इंडियन आॅयल काॅरपोरेषन लिमिटेड के पारादीप-रायपुर-रांची पाईपलाईन एवं झारसुगड़ा, समरदीप, जटनी, खूंटी रायपुर एवं कोरबा आॅयल का राष्ट्र को समर्पित है। टर्मिनल के बनने से विकास की कड़ी में खूंटी आगे बढ़ा है। पूर्व मंे विकास के नाम पर सिर्फ राजनीति हुई। हमने विकास को चुनौती के रूप में लेकर विकस का कार्य किया है। उन्होंने अंगराबाड़ी से तुपुदाना हेतु सड़क की मांग की। साथ ही उन्होंने बाइपास रोड की भी मांग रखी। 

माननीय सांसद श्री कड़िया मुण्डा ने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है तथा खूंटी के लोगों के लिए सौभाग्य का दिन है। इस टर्मिनल के खुल जाने से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि इस टर्मिनल से सड़कों पर भार बढ़ेगी साथ ही खूंटी शहर वासियों को जाम जैसे समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने भी बाइपास सड़क हेतु मुख्यमंत्री से मांग की। साथ ही सी.एस.आर. के तहत् गांवों का सर्वांगीण विकास करने की बात कही। 

इस अवसर पर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमण्ड के आयुक्त दिनेष चन्द्र मिश्र, डी.आई.जी. अमोल वी. होमकर, इंडियन आॅयल काॅरपोरेषन के निदेषक, अनिष अग्रवाल, कार्यकारी निदेषक बिहार राज्य कार्यालय के शैलेन्द्र कुमार शर्मा उपायुक्त खूंटी डाॅ. मनीष रंजन एवं पदाधिकारियों के साथ काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
 

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