*Image credit: IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बजट के क्रियान्वयन में तेजी और योजनाओं का पूरा लाभ तभी सम्भव है, जब जनता की भागीदारी ज्यादा से ज्यादा हो। जनता के सुझावों के अनुरूप बजट बनाया जा रहा है, तो इसे लागू भी जनता के सहयोग से करें। इससे राज्य के विकास में तेजी आयेगी और जन आकांक्षाओं को पूरा करने का हमारा लक्ष्य हासिल हो सकेगा। वे आज झारखंड मंत्रालय में वर्ष 2018-19 के बजट तैयारी को लेकर बैठक कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री दास ने कहा कि हमारे यहां सामुहिकता की परंपरा रही है। इसी का लाभ उठाकर हम गांव का तेजी से विकास कर सकते हैं। गांवों में मांग के अनुरूप छोटे-छोटे पुलिया बनायें। सड़कों का जाल गांव के अंदर तक पहुंचा रहे हैं, ताकि ग्रामीण अपने उत्पादन को बाजार तक आसानी से लाकर बेच सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की आय दोगुणी करने के उद्देश्य को ध्यान में रखकर योजनाएं चुनें। राज्य के अतिपिछड़े छह जिलों पर विशेष फोकस करें। सभी विभाग उन जिलों में विशेष योजनाएं चलायें। इस बार के बजट में रोजगार व स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करना, अनुसूचित जाति, जनजाति व कमजोर वर्गों के विकास, महिला सशक्तिकरण, पिछड़े जिलों-प्रखंडों का समेकित विकास पर जोर दिया जायेगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आधारभूत संरचना, हर घर तक बिजली पहुंचाने आदि पर भी फोकस रहेगा। 

बैठक में विकास आयुक्त अमित खरे ने बताया कि सभी प्रमंडलों में बजट पूर्व संगोष्ठी, राज्य स्तरीय 20 सूत्री की बैठक, ऑनलाइन व ऑफलाइन प्राप्त कुल 970 सुझावों को संबंधित विभागों को भेजा गया है। इनमें से 38 का चयन बजट में शामिल करने के लिए किया गया है। योजनाओं में गतिशीलता लाने के उद्देश्य से छोटी-छोटी योजनाओं को अम्ब्रेला स्कीम में समाहित किया गया है। 

बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव डी0के0 तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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