
रांची में आज शुक्रवार से मारवाड़ी भवन,हरमू रोड में तीन दिवसीय योग शिविर की शुरुआत स्वामी मुक्तरथ के सान्निध्य में शुरू हुआ जिसमें शहर के गणमान्य व्यावसायिक वर्ग के लोग और आम जनमानस ध्यान और योगाभ्यास की क्रिया को किये।
श्री वेदप्रकाश बागला जी, ललित पोद्दार जी,पवन जी,राजेश कौशिक जी स्वामी मुक्तरथ और सरिता शर्मा तथा योग अनुदेशक केशव कुमार का स्वागत किये।


स्वामी मुक्तरथ जी वैदिक शान्ति मंत्र के साथ योग कक्षा को प्रारम्भ किये। सरिता शर्मा और केशव कुमार योगाभ्यास, प्राणायाम तथा कुछ मुद्राओं को बताये। मुक्तरथ जी दिमाग को तनावमुक्त करने के लिये ध्यान के अभ्यास को कराये। स्वामी मुक्तरथ ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि पतञ्जलि के हजारों वर्ष बाद इस काल में परमहंस स्वामी सत्यानन्द सरस्वती योग के जनक कहलाये और इन्हें दुनियाँ में बहुत प्रसिद्धि मिली। इनके काल में योग को वैज्ञानिक रूप से समझा जाने लगा।
क्योंकि यह काल विज्ञान का है और योग पर दुनियाँ में बहुत शोध हुआ। स्वामी सत्यानन्द सरस्वती की योगनिद्रा विख्यात हुई। इन्होंने ध्यान के साथ-साथ बहुत सी गंभीर बीमारियों को लेकर योग पर शोध किये। हमलोग यदि योग को सही तरीके से और नियमित रूप से करेंगे तो बुढापे की बीमारी को बहुत हद तक रोक सकते हैं। उच्चरक्तचाप, हृदय रोग और मधुमेह को योग से आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।