पेंशन समावेशन को बढ़ावा देने तथा असंगठित एवं ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, झारखण्ड द्वारा पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) के सहयोग से "एनपीएस संचय आउटरीच कार्यक्रम" का आयोजन शुक्रवार ( July 17,2026)होटल रमादा, बरियातु, रांची में किया गया।

श्री संतोष कुमार सिन्हा, उप महाप्रबंधक एवं संयोजक, एसएलबीसी, झारखण्ड ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि वित्तीय समावेशन की सफलता तभी सार्थक होगी जब प्रत्येक पात्र नागरिक को बचत के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन का भी लाभ प्राप्त हो। उन्होंने बैंकों, एफपीओ, कॉमन सर्विस सेंटर तथा अन्य हितधारकों से एनपीएस संचय को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।

नाबार्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, रांची के महाप्रबंधक श्री आर. एस. भगवाने ने अपने संबोधन में कृषि एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशन जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों, ग्रामीण उद्यमियों तथा असंगठित क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने वित्तीय संस्थानों एवं सभी हितधारकों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में एनपीएस संचय के व्यापक प्रसार का आह्वान किया।

कार्यक्रम को श्री स्वप्निल श्रीवास्तव, सहायक महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा, श्री नागेंद्र प्रसाद दुबे, सहायक महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, श्रीमती रानी कुमारी, सहायक महाप्रबंधक, केनरा बैंक, श्री ज्योति कुमार सिंह, उप आंचलिक प्रमुख, बैंक ऑफ इंडिया, रांची अंचल, तथा श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, उप मंडल प्रमुख, पंजाब नेशनल बैंक ने भी संबोधित किया। उन्होंने एनपीएस संचय के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक पात्र नागरिकों को इससे जोड़ने के लिए बैंकों की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

पीएफआरडीए के उप महाप्रबंधक श्री मनीष मणि ने अपने मुख्य वक्तव्य में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एवं एनपीएस संचय की विशेषताओं, इसकी उपयोगिता तथा देश में पेंशन कवरेज के विस्तार हेतु किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनपीएस संचय नागरिकों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इसके उपरांत पीएफआरडीए के सहायक प्रबंधक श्री सुविज्ञ कुमार ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए एनपीएस संचय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न बैंकों एवं किसान उत्पादक संगठनों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए तथा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान एक संवादात्मक सत्र के माध्यम से किया गया।

कार्यक्रम में सदस्य बैंकों, अग्रणी जिला प्रबंधक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, नाबार्ड, कॉमन सर्विस सेंटर, किसान उत्पादक संगठनों, ग्रामीण आधारित नैनो उद्यमों तथा अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

दोपहर के द्वितीय सत्र में कॉमन सर्विस सेंटर के विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (VLEs) एवं फील्ड फंक्शनरीज़ के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एनपीएस संचय के पंजीकरण, लाभ, संचालन प्रक्रिया एवं जन-जागरूकता बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का समापन श्री अभिजीत टंडन, वरिष्ठ प्रबंधक, एसएलबीसी झारखण्ड द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

एसएलबीसी, झारखण्ड ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य में एनपीएस संचय का दायरा और अधिक विस्तृत होगा तथा अधिकाधिक नागरिक राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से जुड़कर सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य की दिशा में अग्रसर होंगे।


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