*All images by IPRD, Jharkhand

निदेशक प्रमुख, स्वास्थ सेवाएँ, डॉ विजय शंकर दास ने कहा कि बच्चों में कृमि संक्रमण से जुड़े जन स्वास्थ्य समस्या से बचाव के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग झारखंड सरकार द्वारा 4 सितंबर 2019 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत झारखंड के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी में 1 से 19 साल तक के सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवाई खिलाकर कृमि मुक्त किया जाएगा। अनुपस्थिति या बीमारी के कारण जिन बच्चों को 4 सितंबर 2019 राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कृमि नियंत्रण की दवाई नहीं दिलाई जा सकेगी उन्हें 11 सितंबर 2019 को मॉप-अप दिवस पर कृमि मुक्त किया जाएगा। वे आज सूचना भवन में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

अब तक झारखण्ड में 2015 से 7 बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया
डॉ विजय शंकर दास ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की तैयारी राज्य सरकार ने कर ली है। भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार बच्चों को दवा खिलाने के लिए 43,630 शिक्षकों और 36,865 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं 37,629 सहियाओं और 372 एम पी डब्ल्यू को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी सेंटरों पर एल्बेंडाजोल दवाई पहुँचा दी गई है। उन्होंने बताया कि झारखण्ड में अब तक 2015 से 7 बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया है।

अगामी कृमि मुक्ति दिवस के दिन 1.53 करोड़ बच्चों को कृमि मुक्त किया जाना लक्ष्य है जिसमें 23,34,730 निजी स्कुलों में अध्यनरत बच्चे हैं एवं 40,95,651 स्कूल न जाने वाले बच्चे हैं। इस कार्यक्रम के फऱवरी 2019 के चरण में कुल 1 करोड़ 26 लाख बच्चों को कृमि मुक्त किया गया था। डॉ विजय ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुरूप गंभीर प्रतिकूल घटना नीति का पूरी तरह से पालन किया जाना निर्देशित है और सभी स्तर के अधिकृत अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। 
 

भारत में 5 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को संक्रमण का खतरा
प्रेस वार्ता के क्रम में शिशु स्वास्थ्य कोषांग के डॉ अजीत ने पीपीटी के माध्य से बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का उद्देश्य झारखंड में सभी बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी और संज्ञानात्मक विकास तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए उन्हें कृमि मुक्त करना है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार भारत में 5 से 14 साल तक की उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को संक्रमण का खतरा है साथ ही विश्व में भारत उन देशों में से एक है जहां कृमि संक्रमण और इससे संबंधित रोग सबसे अधिक पाए जाते हैं।

कृमि संक्रमण की रोकथाम के लिए एल्बेंडाजोल दवाई का सेवन लाभदायक एवं प्रभावी उपाय है जो वैश्विक स्तर पर स्वीकृत है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित एक अखिल भारतीय जन स्वास्थ्य कार्यक्रम के रूप में चलाया जा रहा है।

प्रेस वार्ता में शिशु स्वास्थ्य कोषांग के उपनिदेशक सह नोडल पदाधिकारी डॉ अमर कुमार मिश्रा, स्टेट प्रोग्राम मैनेजर मीना जैन उपस्थित थे।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read