मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी ने कहा है कि सूचना तकनीक जीवन के हर क्षेत्र में क्रांति कर रही है। सरकार भी इसका लाभ ले रही है, लेकिन अभी भी इसका भरपूर उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसलिए जरूरत है कि इसका योजनाबद्ध ढंग से सरकारी कार्यों में ज्यादा से ज्यादा उपयोग बढ़े। उन्होंने सूचना तकनीक विभाग को निर्देश दिया कि कारगर कार्यप्रणाली के लिए जैप आईटी और उसकी अनुषंगी इकाइयों को तीन माह के भीतर अपग्रेड कर ले। मुख्य सचिव झारखंड मंत्रालय में सूचना तकनीक विभाग की आगामी तीन साल की योजनाओं और सौ दिनों की कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे। 

अब सेटेलाइट मैपिंग द्वारा साइट क्लीयरेंस के बाद ही बनेगा जल संरक्षण योजना का प्राक्कलन
मुख्य सचिव ने सूचना तकनीक के माध्यम से विभिन्न विभागों से समन्वय बनाकर उनकी योजनाओं के क्रियान्वयन को त्रुटिहीन बनाने के साथ गतिशीलता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्पेस एप्लीकेशन के सहारे हम बता सकते हैं कि जल संरक्षण की योजना, जैसे चेकडैम, वाटरशेड, कुआं, तालाब तथा डीप बोर आदि के लिए कहां और कितना जमीन पर और जमीन के भीतर पानी है। कहां पर पौधरोपण के लिए उपयुक्त स्थान है। किस फसल के लिए कहां की जमीन ज्यादा उपयुक्त है। वहीं सेटेलाइट मैपिंग कर जान सकते हैं कि जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है। इससे त्रुटिहीन सर्वे सेटलमेंट करने में आसानी होगी। साथ ही अवैध खनन पर भी नजर रखी जा सकती है। उन्होंने झारखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर को निर्देश दिया कि वह सिंचाई, वन, पेयजल, भूमि सुधार, कृषि, खान जैसे विभागों से समन्वय बनाकर

उन्हें जानकारी उपलब्ध कराए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आगे से योजना क्रियान्वयन का उपयुक्त स्थान तय होने के बाद ही उसकी स्वीकृति दी जाएगी और उसका प्राक्कलन बनेगा।
ई-विजिलेंस सिस्टम मजबूत करें

मुख्य सचिव ने तकनीक के सहारे वित्तीय प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के साथ ई-विजिलेंस सिस्टम मजबूत करने पर बल देते हुए कहा कि कर प्रणाली को पारदर्शी और लीक प्रूफ बनाने की दिशा में काम करें। उन्होंने निर्देश दिया कि अनावश्यक बैंक खातों को बंद कर वित्तीय लेन-देन को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सिस्टम पर लाएं। इससे किसी भी तरह के घपले-घोटाले पर अंकुश लगेगा और घंटों का काम मिनटों में होगा।  

प्रखंड से लेकर मुख्यालय तक रियल टाइम डाटा अपलोड हो
मुख्य सचिव ने सरकारी कार्यों में गतिशीलता लाने के लिए सभी विभागों की योजनाओं हेतु रियल टाइम डाटा फीड सिस्टम डेवलप करने का निर्देश सूचना तकनीक विभाग को दिया। उन्होंने कहा कि इससे जहां लेटलतीफी से बचा जा सकेगा, वहीं एक क्लिक पर सभी संबंधित लोगों को सूचनाएं मिल सकेंगी। इसे उन्होंने वेबसाइट आधारित बनाने को कहा। वहीं विभागों की आंतरिक ऑनलाइन सिस्टम को भी कारगर बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे विभागों का सिस्टम मजबूत होगा। 

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में संपन्न समीक्षा बैठक में विकास आयुक्त श्री सुखदेव सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री केके खंडेलवाल, आईटी के प्रधान सचिव श्री राजीव अरूण एक्का समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
 

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