*image credit IPRD,Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि अधिकारी आम जनता का कार्य पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ समय पर करें। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता एवं शिकायत प्राप्त होने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि सरकारी कार्यों में बिचौलियों की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इसे अधिकारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री सूचना भवन में जनसंवाद केंद्र द्वारा आयोजित सीधी बात कार्यक्रम में आयी शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे।

पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा में मनरेगा के तहत पक्की सड़क का निर्माण किये बगैर अवैध रूप से राशि की निकासी पर उन्होंने उपरोक्त बातें कही। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अविनाश कुमार को संतालपरगना प्रमंडल का सघन दौरा कर वहां चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। 

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पाकुड़ में वर्ष 2014 में मनरेगा के तहत शाहपुर पक्की सड़क से नाला बांध तक सड़क निर्माण के लिए 8ए77ए100 रुपये की प्राक्कलित राशि की बंदरबांट में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। शिकायतकर्ता अमित कुमार दास ने सीएम को बताया कि डीडीसी ने योजना में किये गये कार्य के विरुद्ध अधिक भुगतान की राशि की वसूली कर्मियों से करना चाहते हैं। उसने बताया कि येन.केन.प्रकारेण उसे फंसाकर जेल में भेजवा दिया गया। उसके खिलाफ हिरणपुर पुलिस स्टेशन में उसके नाम से प्राथमिकी ;23 ध्16द्ध भी दर्ज है। सीएम ने एफआईआर से उसका नाम हटानेए डीएसपी को शोकॉज करने और डीआईजी स्तर से इस मामले का सुपरविजन कराने का आदेश दिया। जनसंवाद केंद्र में कुल 12 शिकायतों की समीक्षा की गयी। 

सीएम ने शिकायतों की समीक्षा के बाद महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर कहा कि गांव में शोषित वंचित लोग आज भी समस्याओं से ग्रस्त हैं उनके लिए स्वशासन बहुत जरूरी है। इसीलिए ग्राम विकास समिति बनायी गयी हैए ताकि छोटी.छोटी योजनाएं बनाकर अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि हमें राजनीतिक आजादी तो मिली लेकिन आर्थिक और सामाजिक मामलों में हमें और भी संवेदनशील होना होगा। प्रशासन की जिम्मेवारी है कि वे संजीदा होकर काम करें। आज यही संकल्प लेने का दिन है। अधिकारी अपनी जिम्मेवारी को निभायें और राज्य को बिचौलियों से मुक्त करे। इस हेतु लोगों से सीधा संवाद करें।

साहिबगंज में चौथे क्लास में पढ़नेवाली नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मुख्यमंत्री  ने पुलिसिया कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि डीएसपी ने क्या कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अगर थानेदार ;संजय प्रसादद्ध अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर सकते तो उन्हें तुरंत सस्पेंड करें । श्री दास ने पिड़िता को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा साहेबगंज एसपी को सख्त हिदायत दी कि इस मामले में अभियुक्त की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। जनसंवाद केंद्र में उपस्थित नाबालिग के पिता प्रतुल मंडल ने बताया कि 29 जुलाई 2017 को दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करने के बाद भी थाने से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूछताछ करने पर उसे थाने से भगा दिया जाता है। कहा गया कि केस उठाओ नहीं तो गोली मार देंगे। सीएम के सचिव सुनील कुमार बर्णवाल ने साहिबगंज के एसपी से कहा कि बच्ची की देखरेख के लिए बाल कल्याण समिति विशेष तौर पर उसका ख्याल रखेगी। उन्होंने डीसी से कहा कि सीएम साहिबगंज जा रहे हैंए बच्ची को अपने हाथ से 50 हजार रुपये सौपेंगे।  

दुष्कर्म पीड़िता के मामले में भी पुलिसिया कार्रवाई पर सीएम ने डीएसपी को फटकार लगाते हुए उनसे पूछा कि जांच की कोई समय.सीमा है या नहीं। थानेदार को निलंबित करने से क्या होगाए घटना के दस माह बीत गयेए अब तक कार्रवाई क्यों नहीं पूरी हुईघ् बोकारो के डीएसपी ने इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखायीए यह शर्म की बात है। 16 जनवरी को आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस हेडक्वार्टर के द्वारा एफआईआर दर्ज कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी का निर्देश दिया गया था। 4 मार्च 2017 को जब पीडिता शौच के लिए निकली थी तो सुनसान जगह में चार.पांच लोगों ने उनके साथ दुष्कर्म किया था। बोकारो जिले के चिटाईटांड़ के सियालजोरी थाना क्षेत्र में घटनास्थल होने के कारण इस मामले को बोकारो पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। सीएम ने बोकारो के डीसी से उस क्षेत्र में अविलंब शौचालय बनवाने का आदेश भी दिया।

धनबाद के सुदामडीह में साढ़े तीन साल बाद भी दिव्यांग ;मूक बधिरद्ध सुरूज कुमारी से साथ दुष्कर्म के मामले में सीएम को इस संबंध में डीसी.एसपी ने बताया कि दुष्कर्मी को दस साल की सजा हो चुकी है और जांच कर चेक का भी भुगतान कर दिया जायेगा। चूंकि पीड़िता की मां का नाम गलत अंकित हो जाने के बाद चेक कैश नहीं हो पाया है। सीएम ने इसमें सुधार कर अविलंब चेक भुगतान का आदेश दिया है।  

हजारीबाग में वर्ष 2015 में टाटीझरिया प्रखंड की झारपो पंचायत के किसानों को 3 वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं मिलने के मामले में उपायुक्त ने सीएम को बताया कि 197 लाभुकों को भुगतान कर दिया गया है। शेष 194 लाभुकों को बीडीओ और पंचायत सेवकों से मुआवजा दिलवाने का निर्देश दिया गया है। सीएम ने कहा कि अगर वह हकदार है तो मुआवजा देना हमारी जिम्मेवारी बनती है। 

रामगढ़ के पतरातू प्रखंड की सनकी पंचायत में लगभग 3 साल से मानदेय राशि का भुगतान नहीं होने पर सीएम ने रामगढ़ डीसी से कहा कि दो साल में यह पता नहीं चल पाया कि भुगतान कैसे करना है। काम करा लिया गया है तो भुगतान करना ही होगा। एक हफ्ते में इस मामले को खत्म कर अगले मंगलवार को फिर इसकी समीक्षा करने का सीएम ने निर्देश दिया है।

हजारीबाग के नगरपालिका मार्केट परिसर में प्रतीक रामरायका को लीज पर दुकान आवंटन होने के 12 साल बाद भी लीज की प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर सीएम ने कहा कि 12 साल में दुकान का लेआउट नहीं हो सका तोए अब तक लीज रद्द क्यों नहीं हुआघ् उन्होंने कहा कि अगर आवंटी एक सप्ताह के अंदर काम शुरू नहीं करता है तो लीज रद्द कर दिया जाये। प्रतीक रामरायका ने सीएम को बताया कि वह दुकान बनाने के लिए तैयार है। उसने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वह दो बार लीज रेंट भी दे चुका हैए लेकिन नगर निगम इस मामले को जानबूझ कर लटकाये हुए है। दरअसल उसके कागजातों पर कभी गौर ही नहीं किया गया है।

पूर्व की समीक्षा बैठकों में आयी कतिपय शिकायतों में देवघर नगर निगम में कार्यरत दिगंबर राव की मृत्यु के तीन साल बाद भी उनके पुत्र को अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं मिलने पर डीसी ने बताया कि विभाग को कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है। सीएम ने इस मामले को जल्द निपटाने का आदेश डीसी को दिया। वहीं एक दूसरे मामले में कोडरमा में दीप बहादुर की मृत्यु के लगभग 24 साल बाद भी उनके पुत्र को अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं मिली। इस बीच उनका पुत्र भी चल बसा। 30 मई 2017 को आयोजित सीधी बात में विभागीय सचिव को साक्ष्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। फिर 7 नवंबर को आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय नोडल अधिकारी ने बताया कि अनुकंपा समिति ने पूरे मामले की समीक्षा में पाया कि निर्धारित मापदंड के अनुसार शिकायतकर्ता को अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा सकती। सीएम ने स्पष्ट कर दिया था कि प्रावधान के अनुसार पेंशन और नौकरी नहीं दी जा सकती। 

लैंड बैंक की भी समीक्षा हुई

सीधी बात कार्यक्रम की समाप्ति के बाद श्री सुनील कुमार वर्णवालने तथा उद्योग निदेशक के रवि कुमार ने कई जिलों में लैंड बैंक की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। हजारीबागए खूंटीए कोडरमाए पलामूए चाईबासाए गुमलाए बोकारोए देवघरए गोड्डाए दुमकाए पूर्वी सिंहभूमए गिरिडीह और रामगढ़ जिले में उद्योग के लिए सरकारी और निजी जमीन के बारे में सभी जिलाधिकारियों से जमीन की अद्यतन जानकारी ली गई। 
 

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