यूनिसेफ एवं झारखंड राय यूनिवर्सिटी द्वारा ‘फन-डू स्किल्स’ कार्यशाला का आयोजन “सूचना और संचार प्रौद्योगिकी आज शिक्षा जगत की क्रांतिकारी आधारशिला बन गई है। इसके माध्यम से सीखने को रोचक, संवादात्मक और विचारोत्तेजक बनाया जा सकता है। डिजिटल प्रौद्योगिकी ज्ञान प्रसार का एक प्रभावी उपकरण है।

उक्त बातें महामहिम राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के द्वारा कही गयी ।वह  शनिवार को यूनिसेफ के सहयोग से झारखंड राय विश्वविद्यालय (जेआरयू), रांची द्वारा आयोजित ‘फन-डू स्किल्स’ कार्यशाला को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से  संबोधित कर रही थीं। राज्यपाल श्रीमती  द्रौपदी मुर्मू ने  छात्रों को प्रशिक्षित करने और कौशल प्रदान करने की इस पहल के लिए विश्वविद्यालय और यूनिसेफ की सराहनाकी।   

कार्यशाला में प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों, सरकारी अधिकारियों,शिक्षाविदों, छात्रों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि शामिल  हुए।इस अवसर पर बोलते हुए झारखंड राय विश्वविद्यालय की चांसलर डॉ हरबीन अरोड़ा ने कहा, “झारखंड राय विश्वविद्यालय में हमारी सभी गतिविधियों का केंद्र बिंदु विद्यार्थी होते हैं। हम एक  ऐसे  विश्वविद्यालय बनने की आकांक्षा रखते हैं जहां भारत के युवाओं को  बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए हरसंभव परिस्थिति  उपलब्ध हो। यह केंद्रित विचार हमें इस बात के लिए एकीकृत करता है कि हम क्या करते हैं और कैसे करते हैं।


प्रो. डॉ. सविता सेंगर, कुलपति, झारखंड राय विश्वविद्यालय ने  स्वागत भाषण दिया। उन्होंने महामहिम द्रौपदी मुर्मू को उनके निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद  दिया।

-----------------------------Advertisement------------------------------------Abua Awas Yojna 

उन्होंने कहा कि “डिजिटल प्रलय के युग में, जिम्मेदारी से प्रौद्योगिकी का उपयोग करना और अपने मौजूदा कौशल में सुधार के लिए इसका उपयोग करना महत्वपूर्ण है। प्राद्यौगिकी सीखने में वृद्धि कर रही हैं । कार्यशाला को संबोधित करते हुए यूनीसेफ के फील्ड ऑफिसर प्रसांत दाश ने कहा कि “21वीं सदी में  कौशल एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि इस वैश्विक और डिजिटल रूप से परस्पर जुड़ी दुनिया में, बच्चों के पालन-पोषण से लेकर करियर तक सभी शिक्षार्थियों को सफल होने के लिए नए कौशल और ज्ञान
की आवश्यकता होती है। ये कौशल अब पहले से कहीं अधिक छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’

कार्यशाला के औचित्य पर प्रकाश डालते हुए यूनीसेफ की कम्यूनिकेशन आॅफिसर आस्था अलंग ने  कहा कि, ‘‘हमें  फन-डू स्किल्स वर्कशॉप के लिए झारखंड राय विश्वविद्यालय के एनएसएस सेल के साथ सहयोग करने में खुशी हो रही है। इससे
 छात्रों को मूलभूत कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे जो उन्हें तर्क करने, रचनात्मक रूप से सोचने, डेटा का विश्लेषण करने और भविष्य में सहयोगात्मक रूप से काम करने में मदद करेगा ।

धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए, झारखंड राय विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. पीयूष रंजन ने सभी  प्रतिभागियों को इस मंच का लाभ उठाने और खुद को कौशल के साथ प्रशिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जो रोजगार तलाशने में
सहायक होगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला में 105 से ज्यादा संस्थानों के 1000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपना निबंधन कराया और कार्यक्रम में भाग लिया।

झारखंड राय यूनिवर्सिटी का लक्ष्य छात्रों को रोजगार, योग्यता और  कौशल के साथ  सशक्त बनाने का है। विश्वविद्यालय छात्रों के  लिए प्रशिक्षण निरंतर  उद्योग रुझानों पर केंद्रित कार्यशालाओं का आयोजन करती रहती है।


बदलती दुनिया में रोजगार चाहने वाले प्रत्येक छात्र के लिए आत्म-जागरूकता, सहयोग, संचार, महत्वपूर्ण सोच और समस्या समाधान 21 वीं सदी के कौशल के लिए  बहुत जरूरी हैं। ‘बियोंड द क्लास रूम’ विश्वविद्यालय के अकादमिक कैलेंडर की पहचान है। इसके माध्यम से, छात्र मूल्यवान उद्योग अंतर्दृष्टि प्राप्त करते हैं, कॉर्पोरेट संस्कृति के बारे में अपनी जागरूकता विकसित करते हैं और महत्वपूर्ण कार्यस्थल कौशल जैसे कि सकारात्मक नेतृत्व और प्रभावी संचार को भी बढ़ाते हैं।

must read