मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि झारखंड के छह जिले खूंटी, सिमडेगा, गुमला, चाईबासा, पाकुड़ और साहेबगंज, जो अति पिछड़े जिलों (एसपिरेशनल डिस्ट्रीक्ट) की श्रेणी में हैं। उन्हें विकसित जिलों बनाना सरकार का लक्ष्य एवं प्राथमिकता है। इन जिलों के विकास के लिए राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। इन जिलों के उपायुक्त पहले सबसे पिछड़े प्रखंड और पंचायत पर फोकस करें। दास आज अपने आवास पर राज्य के पिछड़े जिलों के विकास संबंधित बैठक में अधिकारियों को दिशा- निर्देश दे रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अति पिछड़े जिलों को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, स्वरोजगार, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर देने की जरूरत है। उपायुक्त विशेष ध्यान दें, तभी इन जिलों में बदलाव आयेगा। हर सप्ताह उपायुक्त किसी पिछड़े गांव जायें और लोगों के साथ बैठें। उनकी समस्या और सुझाव को जानें। उस पर अमल करें। जनभागीदारी बढ़ायें, तो अच्छे परिणाम तेजी से आयेंगे।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निर्देश दिया कि जहां शिक्षकों की कमी है, वहां जिले के रिटायर्ड शिक्षक अथवा शिक्षित नौजवानों को घंटी आधारित कांट्रेक्ट पर रखकर उनकी सेवाएं लें। स्थानीय होने के कारण भाषा की दिक्कत भी नहीं होगी। शिक्षक भी स्कूल पर ध्यान देंगे। इसके बाद लोगों को स्वरोजगार या रोजगार से जोड़ने की जरूरत है, ताकि पलायन रूके और लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जो विकास एवं कल्याणकारी योजनाएं हैं, उनसे लोगों को जोड़ें। स्कूलों में मिड डे मिल में अंडे दिये जाते हैं। इन जिलों में पोल्ट्री सोसाइटी का गठन करें। अंडे का उत्पादन बढ़ायें। सरकार अंडों को खरीद लेगी। इसी प्रकार रेडी टू इट में महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। इससे भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। स्कूलों में दी जानेवाली स्कूल ड्रेस, जूते-चप्पल बनाने का काम भी प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर शुरू करायें। इनको भी बाजार खोजने की जरूरत नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना में बिजली पहुंचाने के काम में तेजी लायें। हर माह उपायुक्त इसकी समीक्षा करें। सौभाग्य योजना के तहत कैंप लगाकर बिजली कनेक्शन देने का काम करें। बिजली आने से गांव की अर्थव्यवस्था में बदलाव आयेगा। पेयजल पहुंचाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम करें। फिलहाल गर्मी को देखते हुए टैंकर आदि से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करायें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दो अप्रैल को 11 बजे सभी छह जिलों के उपायुक्त डिस्ट्रीक्ट और ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर के साथ बैठक कर उन्हें काम समझायें। तेजस्विनी योजना के तहत भी दो आंगनबाड़ी पर बनने वाले क्लब के गठन में तेजी लायें। बैठक में उपायुक्तों ने प्रस्तुतिकरण दिया।

इस दौरान मुख्य सचिव श्री सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त श्री अमित खरे समेत विभागों के प्रधान सचिव, सचिवगण, छह जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।
 

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