विवेकानंद नवयुवक संघ  द्वारा रायडीह मोड़ स्थित वॉटरवेज मैदान में  स्वामी विवेकानन्द की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया गया साथ ही स्वामी जी के प्रतिमा पर माला पहना कर पुष्प अर्पित किया गया। संघ के युवाओं ने स्वामी जी के दिखाए रास्ते पर चलने का पुन: संकल्प लिया।

विवेकानंद नवयुवक संघ के तमाम कार्यकर्ता विभिन्न गांव, चौक-चौराहा पहुंचे जहां उन्होंने युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानन्द की पुण्य तिथि पर कार्यक्रम कर अपने-अपने विचार रखे। कहा गया कि सभी लोग स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आत्मसात करें , जिससे नया भारत और मजबूत हो सके। साथ ही स्वामी जी एक ऐसी शिक्षा चाहते थे जिससे बालक का सर्वांगीण विकास हो सके और प्रचलित शिक्षा को निषेधात्मक शिक्षा की संज्ञा देते हुए कहा है- हमें ऐसी शिक्षा चाहिए, जिससे चरित्र का गठन हो, मन का बल बढे़, बुद्धि का विकास हो और व्यक्ति स्वावलंबी बने। 39 वर्ष के संक्षिप्त जीवनकाल में ही स्वामी विवेकानंद जो काम कर गए वह आने वाली अनेक शताब्दियों तक पीढि़यों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

स्वामी विवेकानंद का मात्र 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया। साथ ही युवाओं ने उठो, जागो और तब तक रूको नहीं जब तक मंजिल प्राप्त ना हो जाए के नारे भी लगाए।

मौके पर विवेकानंद नवयुवक संघ के अध्यक्ष किशन कुमार गोन्झु, सचिव अक्षय कुमार महतो, कोषाध्यक्ष मनोज सिंह मुंडा, सदस्य सत्यनारायण मुंडा,देवकुमार महतो, जीतमोहन मुंडा, शैलेंद्र, संतोष,सुदर्शन अरविंद,विजय, सुमेश, महावीर सोनी, सोहराइ मुंडा, विश्वजीत, राजकुमार, अशोक, मदन तथा संघ के अन्य सभी सदस्य मौजूद थे।

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