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माननीया राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वे नषामुक्ति की दिषा में आगे बढ़े। नषा पूरे समाज को क्षति पहुँचा रहा है। समाज में अपराध की घटनायें घटित न हो, सभी षान्तिमय जीवन व्यतीत करें तथा विकास के पथ पर अग्रसर हो, इस दिषा में संगठित होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नषामुक्ति आप सभी के हाथ में है। आप कृतसंकल्पित होकर इसे अमल में लायेंगे तो समाज से यह पूर्णरूपेण दूर हो जायेगा। उक्त बातें राज्यपाल महोदया ने आज राज भवन में खूँटी जिला के पड़हा राजाओं, मानकी-मुण्डा, ग्राम प्रधानों एवं अन्य नागरिकों से संवाद स्थापित करते हुए कही।

विदित हो कि राज्यपाल महोदया के निदेष के आलोक में राज भवन में अनुसूचित क्षेत्रों में षासन-व्यवस्था अधिक सुचारू रूप से संचालित हो, इस उद्देष्य से एक विचार-मंच का आयोजन किया गया। इस क्रम में आज खूँटी जिला के पड़हा राजाओं, मानकी-मुण्डा, ग्राम प्रधानों तथा अन्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव डा0 नितिन कुलकर्णी, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा षिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग निधि खरे, सचिव, ग्रामीण कार्य अविनाष कुमार, सचिव, भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग-सह-पथ निर्माण के0के0 सोन, सचिव, कल्याण हिमानी पाण्डेय, सचिव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग अराधना पटनायक, सचिव, ग्रामीण विकास एवं समाज कल्याण विभाग विनय कुमार चैबे, अपर सचिव, स्कूली षिक्षा एवं साक्षरता विभाग सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। 

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राज्यपाल महोदया ने इस अवसर पर कहा कि लोगों को अपने बच्चों को हर हाल में षिक्षण संस्थान भेजना चाहिये। किसी के बहकावे में आकर अपने बच्चों को षिक्षा से वंचित कर उनका भविश्य बर्बाद न करे क्योंकि षिक्षा से ही जीवन की दिषायें तय होती है। जरा उन बहकाने वाले व्यक्तियों के परिवार को भी देखें- उनके बच्चे निष्चित रूप से विदेष या अच्छे षिक्षण संस्थानों में षिक्षारत होंगे। उनके बहकावे में न आयें और अपने संतानों के भविश्य की चिन्ता अवष्य करें। सभी विद्यालयों में षिक्षकों की उपस्थिति सुनिष्चित हेतु ग्राम सभा को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि आँगनबाड़ी से लेकर महाविद्यालय तक सषक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में षिक्षकों की कमी को दूर किया जा रहा है। साथ ही प्रारंभिक चरण में बच्चों को स्थानीय भाशा में पढ़ाने की सुविधा भी सुलभ कराई गई है। इस क्रम में अभी पाँच स्थानीय भाशाओं में पढ़ाने हेतु निदेष दिया गया है। उन्होंने कहा कि खूँटी में एक और डिग्री काॅलेज खोलने हेतु प्रयास किया जायेगा। इसके अतिरिक्त नर्सिंग/बी.एड. काॅलेज आरंभ करने का भी प्रयास किया जायेगा। उन्होंने बच्चों को स्वरोजगार हेतु कौषल विकास का प्रषिक्षण सुलभ करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं को बेहतर एवं एकीकृत प्रषिक्षण मिले, इसके लिए सरकार द्वारा कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य व्यवस्था के सन्दर्भ में लोगों से संवाद स्थापित करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामों में स्वास्थ्य केन्द्र को सषक्त करने पर निरंतर ध्यान दिया जायेगा। सुखद है कि सरकार द्वारा गंभीर बीमारी के उपचार हेतु आर्थिक सहायता सुलभ कराई जाती है।     

माननीया राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि सभी कार्य संवैधानिक दायरे में होना चाहिये, नियम-कानून का पूर्णतः पालन होना चाहिये। सभी को कानून का सम्मान करना चाहिये। कोई भी व्यक्ति कानून से परे नहीं है। सरकार के तीन महत्वपूर्ण अंग कार्यपालिका, विधायिका एवं न्यायपलिका है। हालांकि समाजिक व्यवस्था के तहत ग्राम सभा में भी विभिन्न समस्याओं का निदान हो जाता है। उन्होंने कहा कि ‘‘मैं इस व्यवस्था को निकट से जानती हूँ क्योंकि मेरे पिता एवं दादा,  दोनों प्रधान थे। मैंने ग्राम सभा में संविधान का हर स्तर पर सम्मान देखा है।’’ उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में भी सभी कार्य संवैधानिक व्यवस्था के तहत ही किया जा रहा है। संविधान से परे किसी भी प्रकार का कार्य स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी को अपने मौलिक अधिकार एवं मौलिक कर्Ÿाव्य को जानना चाहिये। साथ ही एक जिम्मेदार नागरिक से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने मौलिक कर्Ÿाव्र्यों का निर्वहन करेंगे। झारखण्ड राज्य पाँचवीं अनुसूचित क्षेत्र अन्तर्गत आता है। यहाँ राज्यपाल के विषेश दायित्वों व कर्Ÿाव्यों के निर्वहन हेतु सदैव तत्पर रहती है। यहाँ के पाँचवीं अनुसचित क्षेत्र के जिलों में उपायुक्त एवं आरक्षी अधीक्षक का पदस्थापन राज्यपाल के आदेष से ही होता है। राज्य के अनुसूचित क्षेत्र में केन्द्र एवं राज्य सरकार के नियम यथावत लागू है।  

राज्यपाल महोदया ने कहा कि आज दुनिया के साथ भारत तेज गति के साथ विकास की दिषा में आगे बढ़ रहा है। लेकिन यह भी सत्य है कि बहुत-से लोग असुविधा में जी रहे हैं। हमारे देष में विभिन्न जाति, धर्म, सम्प्रदाय के लोग रहते हैं। उनकी कतिपय समस्यायें हैं, जिनका हम सभी को मिल-जुलकर निदान करना होगा। उन्होंने कहा कि परस्पर संवाद से षासन का आमजन तक पहुँच सुगम होता है जिससे विकास की गति और तीव्र होगी, हमारे गाँव ‘‘माॅडल गाँव’’ के रूप में विकसित होंगे तथा देष का तेज गति से विकास होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को जाति, आवासीय प्रमाण-पत्र सही समय पर मिले, इसके लिए षासन द्वारा अवष्य पहल की जायेगी। राज्यपाल महोदया ने टी.ए.सी. कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि ब्छज् - ैच्ज् ।बज में संषोधन पर इसके सदस्यों ने आपŸिा दर्ज की थी, तदोपरांत इस बिल को वापस कर दिया गया।

इस अवसर पर सचिव, ग्रामीण कार्य विभाग अविनाष कुमार ने कहा कि ग्राम सभा द्वारा अपने दायित्वों का सक्रियतापूर्वक निर्वहन करने पर ग्रामों में संचालित होनेवाली योजना में तेजी आती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना हो या ग्रामीणों से सम्बद्ध अन्य योजना, सभी के लाभुकों का चयन ग्राम सभा के अनुमोदन पर किया जाता है। उन्होंने ग्राम सभा को अपनी सषक्त भूमिका निभाने हेतु आह्वान किया। साथ ही बिरबांकी, अड़की, कुचई में षीघ्र ही सड़क निर्माण की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी गलत कार्य को रोकने में षासन-प्रषासन की मदद करें। 

इस अवसर पर सचिव, भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग-सह-पथ निर्माण विभाग के0के0 सोन ने कहा कि सड़कें विकास का द्योतक है और इस क्रम में खूँटी क्षेत्र में सड़क निर्माण  की दिषा में सकारात्मक प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में 1932 के बाद से भूमि का सर्वे नहीं हुआ है लेकिन खुषी की बात है कि खूँटी जनता के असीम सहयोग से 15 अप्रैल के बाद से खूँटी में सर्वे का काम किया जायेगा। साथ ही मालगुजारी को सरल बनाने के लिए अप्रैल से ही कार्य षुरू किया जायेगा।  

इस अवसर पर खूँटी प्रखण्ड के दामू मुण्डा, सोमा मुण्डा, समीर मुण्डा, हरि मुण्डा, सुषील सांगा एवं सेलाएचन्द्र मुण्डा, अड़की प्रखण्ड के सागर सिंह मुण्डा, मंगल सिंह मुण्डा, लुकीन मुण्डा, प्रधान सिंह मुण्डा एवं मंगल सिंह मुण्डा, मुरहू प्रखण्ड के विनसाय मुण्डा, दिलीप मुण्डा, अभिषलोम मुण्डा, छोटे मुण्डा, पीटर मुण्डा, कर्रा प्रखण्ड के तेम्बा उराँव, अजय खलखो, महादेव मुण्डा, पतरख मुण्डा, तोरपा के अमित तोपनो, मंगल मुंडा, बंधन टोपनो, रेड़ा मुण्डा, रेजन टोपनो, रनिया के नारायण स्वासी, दुबिया पाहन, मिखाईल नाग, सुनील तिग्गा द्वारा विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृश्ट कराया गया। राज्यपाल महोदया द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को उक्त समस्याओं के निदान हेतु पहल करने के लिए कहा गया तथा इस प्रकार की संवाद वार्Ÿाा भविश्य में भी जारी रखने की बात कही गई। 

माननीया राज्यपाल एवं पदाधिकारियों द्वारा पड़हा राजाओं, मानकी-मुण्डा, ग्राम प्रधानों के साथ मध्याह्न भाोजन भी किया गया। 

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