* फोटो सौजन्य आईपीआरडी, झारखंड

माननीया राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राज्य में महाविद्यालयों की संख्या में वृद्धि लाने की दिषा में ध्यान दिया जाय ताकि अधिक-से-अधिक लोग उच्च षिक्षा ग्रहण कर सकें। उन्होंने निदेष दिया कि षिक्षण संस्थानों में आधारभूत संरचनाओं के साथ साथ अन्य संसाधनों को विकसित कर प्रतिष्ठित महाविद्यालय के रूप में स्थापित करने की दिषा में आगे बढ़ेें। साथ ही सभी विष्वविद्यालय/महाविद्यालय नैक से शीघ्र ही मूल्यांकन करा लें ताकि वे यू.जी.सी. से अधिक-से-अधिक अनुदान प्राप्त कर सके। राज्यपाल महोदया ने कहा कि षिक्षकों की प्रोन्नति के सन्दर्भ में किसी भी प्रकार का संषय नहीं होना चाहिये। इसके लिए एक स्पष्ट नीति का प्रारूप का निर्माण करें। उन्होंने जनजातीय भाषा विभाग, राँची विष्वविद्यालय के नये भवन का निर्माण शीघ्र आरंभ करने का निदेष दिया। राज्यपाल महोदया आज राज भवन में राज्य के विष्वविद्यालयों की ष्शैक्षणिक एवं प्रषासनिक गतिविधियों की समीक्षा कर रही थी। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव एस.के. शतपथी, उच्च षिक्षा सचिव अजय सिंह, कल्याण सचिव हिमानी पाण्डेय, विŸा (व्यय) सचिव सतेन्द्र सिंह, भू-राजस्व सचिव के.के. सोन, झारखण्ड भवन निर्माण निगम लि0 के प्रबंध निदेषक सुनील सिंह, झारखण्ड लोक सेवा आयोग के सचिव जगजीत सिंह एवं राज्य में स्थित विभिन्न विष्वविद्यालयों के कुलपति/प्रतिकुलपति/विŸाीय सलाहकार/कुलसचिव एवं अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

 राज्यपाल महोदया ने बैठक में सभी विष्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति हेतु झारखण्ड लोक सेवा आयोग को अधियाचना अविलंब प्रेषित करे। ने का निदेष दिया। उन्होंने सभी विष्वविद्यालयों को शीघ्र ही महालेखाकार कार्यालय से अंकेक्षण कराने का निदेष दिया। इस अवसर पर उन्होंने विष्वविद्यालयों में निर्माण कार्योंे में तेजी लाने हेतु भवन निर्माण निगम के अभियंताओं और विष्वविद्यालय के अधिकारियों को मासिक बैठक करने का निदेष दिया। 

बैठक में विष्वविद्यालयों में सुरक्षा हेतु सैनिक कल्याण बोर्ड से वार्Ÿाा कर सेवानिवृŸा सैनिकों की सेवा लेने पर विचार किया गया। साथ ही कल्याण विभाग द्वारा साहेबगंज, पाकुड़ एवं दुमका में अनुसूचित जनजातियों के लिए छात्रावास बनाने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा चांसलर पोर्टल का उद्घाटन किया गया। इसके तहत आनलाइन नामांकन, पंजीयन, प्रमाण-पत्र सुलभ कराने की सुविधा सुलभ होगी।
 

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