*image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमें भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के राहों पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब का सपना था कि हम एक ऐसे समाज में रहें जिसमें समता, ममता और समरसता हो। बाबासाहेब ने शिक्षा के महत्व पर भी काफी बल दिया था उनका मानना था कि पहले खुद शिक्षित हों फिर समाज को शिक्षित करें। बाबा साहेब ने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा प्राप्त की उनके जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज झारखंड उच्च न्यायालय डोरंडा में भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर के जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा समाज को जोड़ने का काम करती है। आज कई ऐसे असामाजिक तत्व है जो समाज को तोड़ने का कार्य कर रहें हैं हम  शिक्षित होकर ही इन सभी असामाजिक तत्वों को पहचान सकते हैं और इन से खुद को बचा सकते हैं।

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 मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के अलग होने के बाद से ही अनुसूचित जाति आयोग के गठन की मांग की जा रही थी जिसे हमारे सरकार द्वारा पूरा किया है। इस आयोग के निर्माण से राज्य के पिछड़े वर्गों का विकास और उत्थान होगा। पिछड़े हुए समाज की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में सरकार कार्य कर रही है। आज से 05 मई 2018 तक झारखण्ड के 21 जिलों के अनुसूचित जाति बाहुल्य 252 गांवों में विकास के लिए ग्राम स्वराज अभियान चलेगा। इसकी शुरुआत झारखण्ड में चतरा से होगी। इस अभियान में चयन की गई योजनाओं का शतप्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। रघुवर दास ने कहा कि विश्व में दो ही महामानव महत्त्वपूर्ण हुए, जिनमें एक मार्टिन लूथर किंग और दूसरे हमारे अपने देश में जन्मे भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी।

कार्यक्रम में पद्मश्री मुकुंद नायक, अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के महासचिव रतन रजक, अनुसूचित जाति महासभा झारखंड के महासचिव उपेंद्र कुमार रजक समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
 

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