सुबह से शाम बिता । लेकिन कुख्यात  व हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा काट रहा कृष्ण मोहन झा जो रविवार की सुबह रिम्स में मेडिसिन के आईसीयू वार्ड से फरार हो गया था का कोई सुराग नही लगा ।

Police शाम के वक्त भी कृष्ण मोहन झा का कोई सुराग नही पता कर पायी है ।

सत्य यह है की कृष्ण मोहन झा उर्फ अभय जी उर्फ धनंजय उर्फ काली झा के नाम से कुख्यात अपराधी पिछले 27 दिनों से रिम्स के मेडिसिन में डॉक्टर सीबी शर्मा के वार्ड में भर्ती था। लगभग 5 वर्ष पहले उसे गिरफ्तार कर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार में बंद किया गया था। वो मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के कुरहानी थाना क्षेत्र के बथना परिया का रहने वाला है।

रिम्स के मेडिसिन वार्ड से पिछले कुछ वर्षों में एक के बाद एक लगातार 4 कैदी फरार हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इलाज के नाम पर वहां पहुंचने वाले कैदियों की सुरक्षा में कोई सख्ती नहीं बरती जाती है। कैदी के फरार होने के बाद पूरा पुलिस महकमा पहुंचकर जांच करते हुए अपना कोरम पूरा कर निश्चिंत हो जाता है।

कृष्ण मोहन झा को 27 दिनों पहले लीवर में संक्रमण होने की शिकायत के बाद इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था। कुख्यात कृष्ण मोहन झा कुछ दिनों पहले सीएम और मुख्य न्यायाधीश को भी पत्राचार किया था और जान बचाने की गुहार लगाई थी। 

इलाज के दौरान सुरक्षा में तैनात किए गए दोनों जवानों की लापरवाही का कृष्ण मोहन झा ने फायदा उठाया और अहले सुबह रिम्स से आराम से फरार हो गया। इलाजरत कैदी के फरार होने की सूचना के बाद पुलिस के बीच हड़कंप मच गया और राजधानी में उसकी खोजबीन शुरू कर दी गई। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी फरार नक्सली के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि एक दिन पहले ही कृष्ण मोहन झा का भाई मिलने के लिए रिम्स पहुंचा था। इसके बाद उससे उसकी मां भी मुलाकात करने रिम्स पहुंची थी। 

सुरक्षा में तैनात जवान रिम्स में ही कृष्ण मोहन झा के साथ बैठकर रसगुल्ला खाया था। कृष्ण मोहन झा द्वारा लगातार प्रलोभन दिए जाने की वजह से उसकी सुरक्षा में तैनात जवान हथकड़ी भी नहीं लगाते थे। बिना हथकड़ी लगाए ही कृष्ण मोहन झा का रिम्स में इलाज किया जा रहा था, जिसका फायदा उठाते हुए वह वहां से फरार हो गया।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read