भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार  प्रदान किए गए। वर्चुअल माध्यम से राष्ट्रपति भवन से 2019-20 के लिए दिए गए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार शनिवार को झारखंड के तीन लोगों को भी सम्मानित किया गया है।

डॉक्टर सरिता सिंह राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी संत कोलंबस कॉलेज, हजारीबाग को एक मजबूत स्वयंसेवकों की टीम बनाने के लिए जिन्होंने सामाजिक सेवाओं जैसे स्वच्छता अभियान, रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने तथा गरीबों के बीच कपड़ों एवं मोहल्लों में बाल विवाह के विरुद्ध, दिव्यांगजन की सहायता हेतु जागरूकता अभियानों का सफलतापूर्वक आयोजन किया। उनके मार्गदर्शन के लिए श्रीमती सिंह को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

श्री राहुल राज, राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवक, बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, रांची को भी उनके उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय समाज सेवा के लिए 2019-20 के राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। श्री राज ने संस्थान के आसपास के गांवों के बीपीएल परिवारों के 21 बच्चों को पढ़ाया। साथ ही उन्होंने महिलाओं और लड़कियों को स्वच्छता और साफ सफाई के बारे में जागरूक किया और सैनिटरी नैपकिन भी वितरित करवाए।

वहीं, संत कोलंबा कॉलेज, हजारीबाग, की सुश्री अनामिका गोप को गरीब बच्चों को शिक्षित करने के लिए डिजिटल साक्षरता की तरफ रुख करने के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने समय-समय पर रक्तदान शिविर, गरीबों के लिए वस्त्र दान और स्वास्थ्य शिविरों का भी आयोजन करवाया।

युवा मामले तथा खेल मंत्री श्री अनुराग ठाकुर तथा राज्य मंत्री श्री निसिथ प्रमाणिक भी नई दिल्ली में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित समारोह में शामिल हुए इस अवसर पर अपने संबोधन में महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि एनएसएस का लक्ष्य महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है।

केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पुरस्कार पाने वालों में एक तिहाई महिलाओं का होना दर्शाता है कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका बहुत ही व्यापक और सशक्त है।

 

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, कार्यक्रम अधिकारियों, राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाइयों तथा विश्वविद्यालयों/+2 परिषदों द्वारा की गई स्वैच्छिक सेवा को मान्यता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार वर्ष 1993-94 में आरंभ किए गए थे। तभी से यह पुरस्कार प्रति वर्ष विभिन्न स्तरों पर दिए जाते हैं।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read