आज की बात के इस अंक में बात *ट्रेन एंबुलेंस की*
चार पहियों वाली आधुनिक सुविधाओं से लैस एंबुलेंस और एयर एंबुलेंस के बारे हम सब जानते हैं लेकिन क्या आपने ट्रेन एंबुलेंस के बारे सुना है ? मैने कल पहली बार ट्रेन एंबुलेंस सेवा के बारे में जाना। 

कोलकाता के मेडिका में भर्ती शैली कुमारी को दिल्ली के मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग की माथा पच्ची में पता चला कि बिहार के कुछ युवा पूरे भारत में " हनुमान ट्रेन एंबुलेंस " सेवा चला रहे हैं। 

दरअसल शैली के छोटे भाई ध्रुव कुमार ने विषम परिस्थितियों के बीच भी ट्रेन एंबुलेंस के बारे सोचा और सर्च किया।
आइए अब संक्षेप में इसके फीचर्स के बारे जान लें। हनुमान ट्रेन एंबुलेंस की सर्विस पैन इंडिया है। शैली के उदाहरण से समझते हैं। 

एंबुलेंस कंपनी के लोग कल 11 बजे अस्पताल पहुंच कर उसकी सेहत का विवरण लेंगे। 12 बजे एम्बुलेंस अस्पताल आ जाएगी। 2 बजे तक डिस्चार्ज की प्रक्रिया के दौरान सर्विस प्रदाता कंपनी के मेडिकल स्टाफ शैली को चल रही सभी दवाओं और इमर्जेंसी दवा के बारे समझेंगे। इसके बाद शैली को सुविधायुक्त एंबुलेंस में डाक्टर की निगरानी में रेलवे स्टेशन ले जाया जाएगा। 

वहां व्हील स्ट्रेचर पर कंपनी के तीन चार स्टाफ द्वारा आरक्षित कंपार्टमेंट में मरीज को पहुंचाया जाएगा। उसको बेड पर लिटाने और परिजन को बिठाने के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर सहित सेमी आईसीयू सुविधाओं की व्यवस्था के साथ एक मेडिकल स्टाफ ट्रेन में रवाना होगा। भोजन की भी व्यवस्था कंपनी करेगी। 

दिल्ली पहुंचने पर पहले से तैयार एंबुलेंस शैली और परिवार को लेकर मेदांता हॉस्पिटल ले जाएगी। इस काम में कंपनी के दिल्ली टीम के लोग शामिल होंगे। शैली को हॉस्पिटल के बेड तक पहुंचाने का काम करने के बाद हनुमान एंबुलेंस का कार्य पूरा होगा। इस सर्विस की कुल लागत टिकट और एंबुलेंस सर्विस सहित करीब 75 हजार रुपए आ रही है। है न बढ़िया सर्विस। 


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