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No body is above the law,said Jharkhand Governor Syed Ahmad.

Ahmad was addressing a meeting convened to review the law and order situation in the state at ATI conference hall in Ranchi today.

A press release issued by the public relations department in Hindi said as follows;

माननीय राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने कहा है कि विधि-व्यवस्था के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की षिथिलता बर्दास्त नहीं की जायेगी, मुझे और जनता को सिर्फ परिणाम चाहिये न की वजह। उन्होंने कहा कि अपराध को रोकना और अपराधियों को पकड़ने हेतु सभी पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मी पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। अपराधियों को हर हालत में पकड़ें, उनके मन में कानून का भय बना रहे। उन्होंने कहा कि कानून से परे कोर्इ नहीं है। राज्यपाल महोदय आज ए.टी.आर्इ. सभागार में प्रथम सत्र में राज्य की विधि-व्यवस्था की सिथति की समीक्षा हेतु आयोजित बैठक में बोल रहे थे। इस समीक्षा बैठक में राज्यपाल के परामर्षी श्री मधुकर गुप्ता एवं के0 विजय कुमार, मुख्य सचिव श्री आर0एस0 शर्मा, प्रधान सचिव, गृह विभाग श्री एन0एन0 पाण्डेय, आरक्षी महानिदेषक श्री राजीव कुमार के अतिरिक्त राज्य के वरिष्ठ प्रषासनिकपुलिस पदाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्त तथा आरक्षी अधीक्षक उपसिथत थे।

राज्यपाल महोदय ने कहा कि विधि-व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु आरक्षी अधीक्षक जिले में टीम भावना के साथ काम करें। किसी भी प्रकार की घटना के लिए उस जिला के आरक्षी अधीक्षक और संबंधित थाना के प्रभारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण हेतु पुलिस प्रषासन को जनता का विष्वास प्राप्त करना आवष्यक है, कोर्इ ऐसा काम न करें जिससे जनता को पुलिस पर भरोसा न रहे। उन्होंने कहा कि जनता का विष्वास पुलिस के काम एवं संवाद पर निर्भर है। यदि वे बेहतर काम करते हैं तो जनता उन पर पूरा विष्वास करेगी। राज्यपाल महोदय ने कहा कि जनता की षिकायत पर अथवा किसी सूचना पर पुलिस अविलम्ब घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस किसी षिकायत पर शीघ्र पहुँचते हैं तो जनता आगे किसी प्रकार की घटना अथवा उससे जुड़ी कोर्इ सूचना पुलिस को पुन: देगी, यदि वे विलम्ब से पहुँचेंगे और मामले का निदान ही नहीं करेंगे तो फिर जनता सूचना नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जिला में गठित पुलिस-पबिलक कमिटी को तथा जिला में कार्यरत पुलिस कंट्रोल रूम को और प्रभावी बनाया जाय।

माननीय राज्यपाल ने कहा कि लोग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने जाय, तो उनके साथ अच्छा व्यवहार कर हर हालत में उनकी षिकायत को दर्ज कर अग्रेतर कार्रवार्इ करें। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक नाकेबंदी भी करें। इससे भी अपराधी के साथ-साथ अपराध के सामग्री की भी बरामदगी हो सकेगी। उन्होंने महिला, बालिका सुरक्षा पर विषेष ध्यान देने हेतु निदेष दिया, इस प्रकार की कोर्इ घटनायें न हो जो समाजराज्य को शर्मसार करें। उन्होंने छेड़खानी को भी रोकने हेतु कारगर कोषिष करने हेतु कहा।

राज्यपाल महोदय ने विधि-व्यवस्था में अपेक्षित सुधार हेतु पुलिस गष्ती में वृद्धि करने तथा लोगों से संवाद स्थापित करने को कहा। उन्होंने कहा कि रात में पेट्रोलिंग पर विषेष ध्यान देने की जरूरत है। बहुत-सी घटनायें रात में होती है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी अपने दायित्वों को निष्ठा व लगन से करें, न
कि बेमन से। उन्होंने पुलिस प्रषासन को अपने इनफारमेषन नेटवर्क को सषक्त करने हेतु निदेष दिया, इससे किसी भी घटना को अंजाम देने से पूर्व ही मुजरिमों को गिरफ्त में लिया जा सके। उन्होंने उग्रवाद की घटनाओं को राज्य की विधि-व्यवस्था हेतु एक बड़ी चुनौती मानते हुए उनके विरूद्ध मुस्तैदी से कार्रवार्इ करने की आवष्यकता बतार्इ तथा उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने हेतु कहा। साथ ही उन्होंने भू-माफिया, सार्इबर क्रार्इम, संगठित अपराध करने वाले एवं सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पर कठोरता से कार्रवार्इ करने का भी निदेष दिया।

इस अवसर पर राज्यपाल के परामर्षी श्री मधुकर गुप्ता ने कहा कि पदाधिकारियों को अधिक-से-अधिक संवाद स्थापित करने की जरूरत है। इससे विधि-व्यवस्था में भी अपेक्षित सुधार होगी और विकास कार्यों में भी। उन्होंने कहा कि ग्राम के लोगों की षिकायत रहती है कि क्षेत्रीय पदाधिकारी कार्यालय में नहीं बैठते हैं, उनसे सम्पर्क नहीं हो पाता है। उन्होंने पदाधिकारियों से लोगों की समस्याओं को सुनने हेतु कहा। उन्होंने कहा कि यदि पदाधिकारी अच्छे कार्य करते हैं तो उस क्षेत्र के लोग उनके साथ देते हैं और उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रषासन इकबाल से चलता है, इस हेतु पूरी र्इमानदारी, चुस्ती, समर्पण एवं निष्ठा से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जनता में आज भी अच्छे पदाधिकारियों की इज्जत है। उन्होंने उपसिथत पदाधिकारियों से कहा कि आप सभी में दक्षता है, आपको अवसर भी मिला है, आप बेहतर कार्य कर लोगों का दिल जीतें। परामर्षी श्री के0 विजय कुमार ने कहा कि बेहतर प्रषासन हालात में सुधार ला सकते हंै और विकास की गति को तेज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी क्षेत्र का भ्रमण करें और अपने कार्य से लोगों के बीच अपनी अच्छी छवि बनायें।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आर0एस0 शर्मा ने कहा कि राज्य प्रषासन के समक्ष उग्रवाद की समस्या एक चुनौती है। यह एक गंभीर समस्या है, परन्तु इसका निदान भी है। सारण्डा वन क्षेत्र इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जिला प्रषासन लोगों के बीच जाय, उनसे सीधा संवाद स्थापित करें, उनसे सहयोग लें। नागरिकों की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित निदान हो। ग्राम स्तर पर विकास कार्य एवं कल्याणकारी कार्य शीघ्रता से करें। लोगों के व्यकितगत कार्य यथा- पेंषन, छात्रवृŸà¤¾à¤¿ इत्यादि समय पर उन्हें सुलभ कराया जाय। इससे जनता का विष्वास प्रषासन पर बढ़ेगा। मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस अपना बुनियादी कार्य पूरी निष्ठा से करे, तो तभी उसमें व्यवसायिक दक्षता आयेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि अभियोजन की स्वीकृति की गति को तेज करें, तभी दण्ड विधान मजबूत होगा।

इस अवसर पर प्रधान सचिव, गृह विभाग श्री एन0एन0 पाण्डेय ने कहा कि राज्यपाल महोदय के निदेषानुसार यह संयुक्त स्तरीय समीक्षा बैठक आहूत की गर्इ है। उन्होंने कहा कि राज्य की विधि-व्यवस्था में राज्यपाल महोदय द्वारा दिये गये निदेष के मुताबिक प्रयास किया जा रहा है ताकि राज्य का प्रत्येक नागरिक अपने को सुरक्षित महसूस कर सके। उन्होंने कहा कि डिसिट्रकिट कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाया जा रहा है, उग्रवाद पर नियंत्रण एवं भू-माफिया के विरूद्ध कड़ी कार्रवार्इ करने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की षिकायतों पर त्वरित कार्रवार्इ हो। अवैध खनन भी विधि-व्यवस्था के समक्ष एक चुनौती है, उस पर पूर्ण नियंत्रण हो।

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