Governor Syed Ahmad today held a meeting with Vice Chancellors.

His office released a press release giving details of the meetiing in Hindi.Which is this.

महामहिम राज्यपाल डा0 सैयद अहमद ने कहा है कि राज्य के विष्वविधालयों एवं मानव संसाधन विकास विभाग के कंधों पर ही राज्य के विधार्थियों को षिक्षा सुलभ कराने की जिम्मेवारी है, अत: इस कार्य को उन्हें पूरी निष्ठा एवं र्इमानदारी से करना होगा। महामहिम ने कहा कि मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस जिम्मेवारी का वे निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं। मानव संसाधन विकास विभाग के उच्चाधिकारी विष्वविधालयों की महत्वपूर्ण बैठकों में उपसिथत नहीं होते हैं एवं न ही विभाग के स्तर पर समीक्षा बैठकें हो रही है। इसका प्रतिफल यह होता है कि विष्वविधालयों की समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। राज्य के विष्वविधालय तथा मानव संसाधन विकास विभाग अपनी जिम्मेवारी को समझे तथा आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें। महामहिम राज्यपाल आज राजभवन में राज्य के विष्वविधालय के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राज्यपाल के परामर्षी श्री के0 विजय कुमार, विकास आयुक्त श्री देवाषीष गुप्ता, प्रधान सचिव मानव संसाधन विकास विभाग श्री डी.के. तिवारी, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री एन.एन. सिन्हा, प्रधान सचिव Ñषि श्री अरूण कुमार सिंह, प्रधान सचिव कल्याण श्री एल. खियांग्ते, निदेषक उच्च षिक्षा के अतिरिक्त राज्य के सभी विष्वविधालयों के कुलपतिगण, विŸà¤¾ परामर्षी, कुल सचिव उपसिथत थे।

महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने कहा कि जो निर्णय कुलपति के स्तर पर अथवा विभागीय सचिव के स्तर पर होनी चाहिये, वह भी नहीं हो पा रहा है। महामहिम राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि बैठक में लिये गये निर्णयों को क्रियानिवत करें अन्यथा अब जिम्मेवारी निर्धारित कर कार्रवार्इ की जायेगी। जो कार्य जिस स्तर पर होनी है, वह उसी स्तर पर ससमय हो।

महामहिम राज्यपाल ने बैठक में निदेष दिया कि राज्य के सभी विष्वविधालय अपने-अपने विष्वविधालय से संबंधित सभी जानकारी एवं सूचनायें एक सप्ताह में अधतन करें। विषेष रूप से एकेडेमिक कैलेण्डर, परिक्षा विवरणी इत्यादि के संबंध में। महामहिम राज्यपाल ने महाविधालयों एवं विष्वविधालयों षिक्षक एवं षिक्षकेतर कर्मियों की उपसिथति सुनिष्चत करने हेतु एक माह के अन्दर बायोमिटि्रक प्रणाली वाली मषीन लगार्इ जाय अन्यथा कार्रवार्इ की जायेगी। उन्होंने बैठक में कुलपतियों को निदेष दिया कि नवअंगीभूत वैसे षिक्षकों को प्रोन्नति देने हेतु कार्रवार्इ की जाय, जिनकी नियुकित नियमानुकूल स्पष्ट है। उन्होंने यह भी निदेष दिया कि विष्वविधालयों में व्याख्याता एवं प्राचार्य के रिक्त पदों पर नियुकित हेतु कार्रवार्इ प्रारम्भ की जाय। उन्होंने यह भी कहा कि छात्राओं की सुरक्षा हेतु यू.जी.सी. के निदेषों का अनुपालन पूर्णत: की जाय।

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बैठक में यह निदेष दिया गया कि विष्वविधालय विधार्थियों को अंक पत्र एवं प्रमाण-पत्र समय पर सुलभ करायें। बैठक में सभी विष्वविधालयों के कुलपतियों को निदेष दिया गया कि विष्वविधालय का एवं सभी अंगीभूत कालेजों का आंकेक्षण महालेखाकार विभाग के कार्यरत अंकेक्षक से जरूर करायें। पहले कालेजों का अंकेक्षण हो तत्पष्चात विष्वविधालय का। मात्र आन्तरिक अंकेक्षण से कार्य नहीं चलेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विष्वविधालयों के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के स्वीÑत रिक्त पदों की सूची अविलम्ब सभी साक्ष्यों एवं कागजातों के साथ षिक्षा विभाग को सौंपी जाय ताकि नियुकित की प्रक्रिया हर हाल में 1 माह में शुरू हो सके। विष्वविधालय सभी परिनियम समितियों का गठन अधिनियम के अनुसार करें एवं उसकर सूची राज्यपाल सचिवालय को भी उपलब्ध करायें। कुछ विष्वविधालयों में उपरोक्त का गठन नहीं हुआ है। न्यायालय में लमिबत वादों के निष्पादन हेतु विष्वविधालय तत्परता से कार्रवार्इ करें एवं अवमानना वाद की संख्या को शून्य करें।

राँची विष्वविधालय, नीलाम्बर-पीताम्बर विष्वविधालय एवं कोल्हान विष्वविधालय के कुलसचिव, उच्च षिक्षा निदेषक की अध्यक्षता में बैठक कर परिसम्पŸाियों एवं कर्मचारियों के बंटवारे का मामला 15 दिनों के निषिचत अवधि के अन्दर पूरा करें।

बैठक में सिदो-कान्हू मुमर्ू विष्वविधालय एवं नीलाम्बर-पीताम्बर को निदेष दिया गया कि वह अपना सत्र नियमित करें एवं लंबित परीक्षाफल का प्रकाषन शीघ्र करें।
महामहिम राज्यपाल ने कल्याण विभाग के सचिव को निदेष दिया कि राँची में छात्रााओं के लिए एक बेहतर छात्रावास का निर्माण, जो सुरक्षा के दृषिटकोण से उचित स्थान पर हो, करें। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों के लिये भी छात्रावास का निर्माण किया जाय।

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