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Jharkhand Governor Syed Ahmad today inaugurated a conclave on genetics at the state run RIMS hospital cum college in Ranchi.

Speaking on the occasion,he said that diseases were not only caused by environment,but was also inherited through genes.

A press release issued by the public relations department gave details of his speech in Hindi and those top brass of the Jharkhand government who attended it.

परामर्षी श्री के0 विजय कुमार जी, राज्य के मुख्य सचिव श्री आर0एस0 शर्मा, प्रधान सचिव, स्वास्थ्य श्री के0 विधासागर, प्रधान सचिव श्री एन0एन0 सिन्हा, निदेषक, रिम्स डा0 तुलसी महतो, डीन, चिकित्सकगण तथा स्टूडेंटस।

आनुवांषिक रोगों पर आयोजित इस सभा में षिरकत करके मुझे खुषी हो रही है। एक महत्वपूर्ण एवं संवेदनषील विषय पर चर्चा हेतु इस तरह का आयोजन एक सराहनीय कार्य है। अब तक आम आदमी यही समझता आ रहा है कि हम अपने पूर्वज से अच्छे संस्कार, सम्मान एवं धन-दौलत ही पाते हैं, परंतु हमें यह भी समझना होगा कि हम मात्र धन-दौलत ही नहीं, कुछ बिमारियाँ भी विरासत में पाते हैं।
अब तक की समझ थी कि अच्छी खुराक, स्वस्थ वातावरण एवं साफ-सुथरा रहने से बिमारियों के संक्रमण से हम बचेंगे, परन्तु अब हमें यह जानना होगा कि हम कौन-कौन सी बिमारियाँ जन्मजात लेकर आये। बहुत सारी संक्रामक रोगों जैसे- कैंसर, भ्ण्प्ण्टण् ।प्क्ै इत्यादि पर नियंत्रण पाने के लिए आनुवांषिक प्रक्रियाओं को समझना पड़ेगा। मैंने यह सुना है कि हर व्यकित का जेनेटिक खाका तैयार किया जा रहा है, जिससे हम कौन-सी बिमारियों के षिकार हो सकते हैं, यह पता लगाया जा सकेगा। नर्इ मेडिकल साइंस एवं तकनीक आनुवांषिकी पर आधारित होगा और सभी को इसमें पारंगत होना होगा। मेरी समझ से रिम्स ने इस विषय पर एक नया विभाग जेनेटिक डीजिजेज एवं रिसर्च खोलकर लोक स्वास्थ्य की दिषा में प्रषंसनीय कार्य किया है। आषा है कि यह विभाग आनुवंषिक रूप से संबंधित रोगियों का उपचार करने में सार्थक सिद्ध होगा। आनुवांषिक बीमारी से ग्रसित लोगों की संख्या इस राज्य एवं इससे सटे राज्य उड़ीसा तथा छŸà¤¾à¥€à¤¸à¤—ढ़ में काफी है। अत: जरूरत है कि इस विज्ञान के संबंध में आम आदमी को जानकारी दें, उन्हें जागरूक करें ताकि हमारी नर्इ पीढ़ी किसी भी प्रकार की बिमारियों से मुक्त रहे क्योंकि हमारे बच्चे ही हमारे देष के कर्णधार हैं।
अस्पताल में भर्ती युवाओंबच्चों में बहुत से आनुवांषिक रोग से ग्रसित रहते हैं। नवजात षिषु के डंसवितउंजपवद एवं षिषु मृत्यु-दर का अधिकांष कारण आनुवांषिक रोग होता है। अत: परिवार के किसी एक सदस्य मेें आनुवांषिक बीमारी का प्रकट होना परिवार के अन्य सदस्यों के बीच एवं भविष्य में जन्म लेनेवाले बच्चों के लिए खतरा उत्पन्न कर देता है। साधारण सावधानियाँ एवं जागरूकता से असाध्य रोगों पर नियंत्रण अथवा उनसे बचाव संभव है, यह कार्य लोगों तक सही व सटीक जानकारी पहुँचाकर ही किया जा सकता है।
वैसे भी कहा गया है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। .वर्Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤¨ शासन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति अत्यन्त गंभीर है। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु व्यापक पैमाने पर कार्य किये जा रहे हैं। जैसा कि पहले भी मेरे द्वारा कहा जा चुका है कोर्इ भी पदाधिकारीकर्मी अपने कार्य व दायित्व के प्रति षिथिलता बरते, मुझे यह कतर्इ पसन्द नहीं। अपने कार्य में लापरवाही बरतनेवालों के विरूद्ध कार्रवार्इ की जायेगी। अस्पतालस्वास्थ्य केन्द्रों और मेडिकल कालेज में डाक्टरनर्स मौजूद रहे तथा वहाँ जरूरी दवा उपलब्ध रहे, इसे सुनिषिचत करने हेतु पूर्व में भी कहा गया है। राज्यवासियों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मुहैया कराना हमारा मकसद है।
मुझे पूर्ण उम्मीद है कि इस विभाग के खुलने से राज्य में आनुवांषिक बिमारियों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

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