मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां सिरम टोली की पावन भूमि पर आकर सुखद अनुभति हो रही हैं। हमारे मार्ग दर्शक रामदयाल मुंडा जी का कथन था "हम आदिवासियों का चलना ही नृत्य और बोलना ही संगीत है।

" हम सब आज यहां आज जुटे हैं। हमारी विचारधारा हमलोगों को खूबसूरत और सौहार्द पूर्ण जीवन जीने का संदेश देता है। अपनी परंपरा और संस्कृति को अक्षुण्ण रखने का प्रयास करना है। जल, जंगल और जमीन हमारा है। इसे बचाना है। हमें अपनी परंपरा और संस्कृति को सहेजने में योगदान देना है। अपनी व्यवस्था को भी मजबूत करना है। इस स्थल के साथ-साथ राज्य के सभी सरना स्थल का जीर्णोद्धार करने का संकल्प सरकार ने लिया है।

 

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इस मौके पर पूर्व सांसद श्री सुबोध कांत सहाय एवं केंद्रीय सरना समिति के सदस्य उपस्थित थे।

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