*झारखंड सचिवालय सेवा संघ के अधिकारियों की बैठक का दृश्य

पूरे देश में सरकार का आकार कम हो रहा है। लेकिन झारखंड सचिवालय सेवा के अधिकारियों की सोच कुछ ओर। उनकी सोच उनके माँगो में साफ़ दिखाए पड़ती है ।

ये है उनके यून्यन झारखंड सचिवालय सेवा संघ की माँगे :

1. केंद्रीय सचिवालय के अनुरूप सचिवालय सेवा के पदों का सृजन।
2. कोऑपरेटिव बैंक खोलने एवं वार्षिक रिक्ति रोष्टर निर्धारण करना।
3. प्रमोशन पर लगी रोक को अविलंब हटाते हुए सभी रिक्त पदों पर सभी माध्यमों से प्रमोश्न की कार्रवाई प्रारंभ हो।
4. पुरानी पेंशन योजना लागू करना।
5. केंद्र के अनुरूप शिशु देखभाल अवकाश एवं शिशु शिक्षण भत्ता लागू करना।
6. सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के रिक्त पदों पर अविलंब नियुक्ति के साथ-साथ वरीय एवं कनीय सचिवालय,कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति।
7. नि:शुल्क कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू करना।

8. सचिवालय सेवा के आवास के लिए भवन निर्माण विभाग के द्वारा अलग पूल घोषित करना.

9. सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं उचित बैठाने की व्यवस्था करना।
10. सचिवालय में लाइब्रेरी रिक्रियेशन क्लब एवं अभिलेखागार की स्थापना।

इन माँगो के के लिए संघ  ने सरकार को बगावती तेवर दिखाया है। सचिवालय सेवा संघ की आम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि राज्य स्थापना स्थापना दिवस ( मतलब Nov 15,2021) से पहले अगर इनकी मांगो को नहीं माना गया तो सचिवालय सेवा के 1100 अधिकारी व कर्मचारी आंदोलन करेंगे और सचिवालय के कामकाज ठप कर देंगे। 

सचिवालय सेवा संघ के महासचिव पिकेश सिंह ने बताया कि इनकी मांगें वर्षों से लंबित है। इन मुद्दों पर संघ पहले भी आंदोलन कर चुका है। तात्कालिन मुख्य सचिव ने दो वर्ष पहले आश्वाशन दिया था कि 6 माह में मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। 6 माह की जगह 24 माह बीत गए हैं लेकिन मांगों पर विचार अभी भी विचाराधीन ही है।

हर बार केवल आश्वासन ही मिलते आया है। अब हम आश्वासन के बजाय इस पर एक्शन चाहते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के बाद आयोजित हुई आमसभा में इस पर सभी सदस्यों के साथ विस्तृत रूप से चर्चा की गई है और आंदोलन की रणनीति पर भी विचार किया गया है। 

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read