ये बात आज तब उभर कर सामने आई जब झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही के दौरान विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी के ध्यानाकर्षण सवाल का जवाब देते हुए मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि झारखंड सरकार बिना OBC आरक्षण के पंचायत चुनाव कराएगी। 

मंत्री आलम ने कहा कि चुनाव रोकने से केंद्र से आवंटन नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण के लिए आयोग गठित करेगी। आरक्षण का मामला संवेदनशील है। 

उन्होंने आगे कहा कि सरकार पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देगी। इस पर अध्ययन हो रहा है। आलम  ने साफ किया है कि 3 माह पहले से जारी OBC आरक्षण की व्यवस्था के आधार पर ही चुनाव होंगे। वे यह भी साफ किया है कि चुनाव बहुत जल्द होंगे। अधिसूचित क्षेत्र व गैर अधिसूचित क्षेत्र में एक साथ चुनाव कराए जाएंगे।

उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए भाजपा की पिछली सरकारों को निशाने पर लिया। पूछा कि भाजपा ने आरक्षण का प्रतिशत क्यों नहीं बढ़ाया। चर्चा में भाग लेते हुए झामुमो विधायक दीपक बिरूआ ने कहा कि सरकार को आदिवासी पंचायत को लागू करना चाहिए। राज्य के 13 जिले अनुसूचित हैं। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय है। एक और एक्सटेंशन से बड़े समुदाय को फायदा होगी7 सरकार को OBC का अवसर छीनने का प्रयास नहीं करना चाहिए। दरअसल विपक्ष मांग कर रहा है कि राज्य में OBC आरक्षण का कोटा बढ़ाने के बाद चुनाव कराए जाएं।

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