बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव आज बहुत चुप और दुखित दिखे। दोपहर २ बजे के बाद ये साफ़ हो गया कि भाजपा को उत्तर प्रदेश, मणिपुर,उत्तराखंड और गोवा के विधान सभा चुनाव में भारी जीत हुई और उनके ally और देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस   और अन्य राज्यों में बुरी तरह से सफ़ाया हो गया। 

चुप रहना ही बेहतर। फिर झारखंड की धरती पर वो अकेला नही है। कई JMM, कोंग्रेस और वाम पंथी दल के नेता विधान सभा के परिसर में पूरी और बुरी तरह शांत दिखे। किसी ने कोई टीपनी नही की। 

आनेवाले समय में राजनीति किस ओर मुड़ेगी कोई नही जनता।लेकिन JMM की  हेमंत सोरेन आज Congress पार्टी के कंधे पर चल रही है । और Congress के कई विधायक सरकार से नाराज़ चलते दिखे है।

जो भी हो , हेमंत सोरेन तो मुख्य मंत्री बने रहेंगे। अगर Congress के कुछ विधायक  बिदके भी, उनके पास विकल्प अनेक है । कुछ नही हुवा तो सोरेन भाजपा का भी साथ के सकती है। 

उधर झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन आज  पांच राज्यों के चुनाव परिणाम का असर सदन में  साफ़ दिखा। एक तरफ़ भाजपा के विधायकों का उत्साह चरम पर था। और इसलिए भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने चुटकी लेते हुए कहा कि सत्ता पक्ष का चेहरा क्यों उतरा हुआ है? शायद चुनाव नतीजा के कारण।

इस पर स्पीकर ने कहा कि सत्ता पक्ष को काम करना पड़ता है इसलिए। भानु ने कहा कि आज कुछ ज्यादा ही चेहरा उतरा हुआ है। इससे पहले कार्यवाही शुरू होने ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लिए गए।

जो भी हो, लालू यादव की हालत थोड़ी और चिंताजनक हो गई है। उनके मछली खाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। डॉक्टर की मानें तो उनको पूर्व में भी संतुलित आहार लेने की सलाह दी गई थी, लेकिन वह इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हर दिन अपनी मर्जी से भोजन में बदलाव कर रहे हैं। इसका असर उनकी किडनी और स्वास्थ्य पर दिख रहा है, ये कहना है उनके डॉक्टर का।

डॉक्टरों ने दोबारा उन्हें प्रोटीन लेने से मना कर दिया है। मछली सहित किसी तरह का नॉनवेज खाने पर पूरी तरह से रोक दी गई है। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया है कि अगर प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन बंद नहीं किया गया तो किडनी पूरी तरह डैमेज हो जाएगी। डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाएंगे।

किडनी ज्यादा डैमेज होने के कारण RIMS के डॉक्टरों की सात सदस्यीय टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि लालू प्रसाद की किडनी फंक्शन में थोड़ी गिरावट के संकेत मिले हैं। जांच में उनका क्रिएटिनीन लेवल थोड़ा बढ़ा मिला है।

रिपोर्ट्स की माने तो क्रिएटिनीन लेवल 3.5 से बढ़कर 4.1 हो गया है। इलाज करने वाले डॉ विद्यापति ने बताया, 'किडनी की बीमारी फोर्थ स्टेज में लंबे समय से है। फिलहाल डायलिसिस की जरूरत नहीं है। क्रिएटिनीन के अलावा बीपी और शुगर की स्थिति सामान्य है। समय समय पर लगातार जांच की जा रही है।'

पिछले 20 दिनों से राजद सुप्रीमो लालू दांत दर्द की समस्या से जूझ रहे थे। अब तक वह 4 बार डेंटल कॉलेज के चक्कर लगा चुके हैं। उनकी दो सिटिंग RCT की जा चुकी है। दांत दर्द से निजात मिल चुकी है। दांत की समस्या से पूर्णतः निजात के लिए RCT के बाद दांत की कैपिंग की जानी है, दो से तीन दिनों में कैपिंग की जाएगी।

डॉक्टरों ने बताया कि एक सप्ताह बाद दोबारा उनकी किडनी की जांच कराई जाएगी। वर्तमान दवाएं अगर असरदार साबित नहीं हुईं तो नई दवाएं चलाई जाएंगी। 

जरूरत पड़ने पर उन्हें AIIMS दिल्ली भी रेफर किया जा सकता है। क्रिएटिनीन लेवल नियंत्रित करने के लिए लालू यादव को कई तरह की सलाह दी गई है।

उन्हें संयमित भोजन करने को कहा गया है। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी। बता दें, चारा घोटाले के मामले में डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के मामले में वह रांची जेल में सजा काट रहे हैं। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें RIMS के पेइंग वार्ड में रखा गया है।

रांची RIMS के डॉक्टरों के अनुसार, क्रिएटिनीन इंसान के शरीर का रासायनिक कचरा होता है। हमारी किडनी ही खून से इस रासायनिक कचरे को छानकर पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकालती है। इंसान के शरीर में जब कभी यह रासायनिक कचरा काफी बढ़ जाता है तो तरह तरह की परेशानियां शरीर में नजर आने लगती हैं।

जब यह रासायनिक कचरा ज्यादा बढ़ जाता है तो समझ लेना चाहिए कि किडनी ठीक तरह से काम नहीं कर रही है। अगर यह रासायनिक कचरा बहुत तेजी से शरीर में बढ़ रहा है तो समझिए कि कुछ खतरनाक होने वाला है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए इस रासायनिक कचरे को हमेशा नियंत्रित रखना चाहिए।

उधर झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन आज  पांच राज्यों के चुनाव परिणाम का असर सदन में  साफ़ दिखा। एक तरफ़ भाजपा के विधायकों का उत्साह चरम पर था। और इसलिए भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही ने चुटकी लेते हुए कहा कि सत्ता पक्ष का चेहरा क्यों उतरा हुआ है? शायद चुनाव नतीजा के कारण।

इस पर स्पीकर ने कहा कि सत्ता पक्ष को काम करना पड़ता है इसलिए। भानु ने कहा कि आज कुछ ज्यादा ही चेहरा उतरा हुआ है। इससे पहले कार्यवाही शुरू होने ही ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लिए गए।

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