यूपी ATS की टीम ने युवक को सहारनपुर के देवबंद से गिरफ्तार किया है। वह गिरिडीह जिले के पटना गांव का रहने वाला है।

इम्तियाज की मां फिरोजा खातून ने कहा, 'मैंने तो अपने बेटे को पढ़ने भेजा था। यह सब कब और कैसे हुआ, मुझे जानकारी नहीं है। मुझे लगता है कि सब झूठ है। पिता मो. इम्तियाज ने कहा कि 'लग रहा है कि UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके बेटे को फंसा रहे हैं।' 

बेटे के पकड़े जाने के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर हाल बेहाल है। घटना के बाद गांव के लोग भी परिवार का हाल लेने नहीं आ रहे हैं। पिता ने बताया कि वह पढ़ाई के लिए गया था। हर महीने खर्च के लिए भाई रुपये भेजते थे।

इम्तियाज़ के 5 भाई और एक बहन है। पिता का नाम मो. इम्तियाज है। एक भाई सरताज बेंगलुरु, दूसरा अफताब रायपुर और तीसरा अल्ताफ हैदराबाद के होटल में काम करता है। पकड़ा गया इनामुल पढ़ाई करता था। पहले वह गांव के विद्यालय में पढ़ता था। उसके बाद उसने काजीमागहा जमुआ में मदरसे में पढ़ाई की। 

फिर पढ़ाई करने देवबंद चला गया। छोटा भाई मो. कैफ गावां में ही पढ़ाई कर रहा है। परिवार का दावा है कि नौकरी करने वाले बेटे 10-10 हजार रुपये कमाते हैं। इसमें से पैसा बचाकर युवक को पढ़ाई के लिए भेज रहे थे।

इम्तियाज के बारे में जानकारी लेने के लिए करीब एक माह पहले DSP स्तर के एक अधिकारी गिरिडीह आए थे। उन्होंने परिवार के लोगों से बातचीत करने के साथ-साथ गांव के कुछ लोगों और दोस्तों से इसके बारे में जानकारी ली थी।

गिरिडीह के युवक की गिरफ्तारी के संबंध में पूछे जाने पर SP अमित रेनू ने कहा, 'फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कह सकते।' दरअसल, युवक की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस उसके पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। पिता ने दावा किया कि सोमवार की रात पुलिस की टीम घर आई थी। युवक से जुड़े कुछ कागजात ले गई।

इनामुल पर देशद्रोह से जुड़े मामले में शामिल होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह CAA के प्रदर्शन के दौरान देवबंद गया था। युवक से पूछताछ में जैसे-जैसे नई जानकारियां आ रही हैं। उसे झारखंड के गिरिडीह से जुड़े मामलों के बारे में जरूरी इनपुट यूपी ATS झारखंड पुलिस और गिरिडीह जिला पुलिस के साथ साझा कर रही है।

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