झारखंड में गुमला ज़िला की पुलिस ने भाकपा माओवादी के दो समर्थक कुमारी निवासी जीरलाल उरांव एवं उपेंदर उरांव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 

आज गुरुवार को गुमला के SDPO मनीष चंद्र लाल ने बताया गया कि बिशुनपुर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सल प्रभावित कुमारी गांव में माओवादी के रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू के 4 समर्थक मौजूद हैं। 

यह लोग संगठन का पोस्टर लगाकर इलाके में दहशत फैलाने की फिराक में हैं। सूचना के बाद बिशुनपुर थाना प्रभारी सदानंद सिंह ने गुमला SP को जानकारी दी गई। SP के निर्देश पर SI विवेक कुमार पांडे, सचिन रोशन, संतोष कुमार के साथ टीम गठन कर पुलिस छापेमारी के लिए कुमारी गांव पहुंची।

पुलिस को आता देख गांव का एक युवक भागने लगा। पुलिस ने युवक को दबोचा लिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम जीरलाल उरांव बताया। जांच में युवक के पास से तीन नक्सली पर्चा बरामद हुआ। इसके बाद घर की तलाशी ली गई। इसमें भारी मात्रा में नक्सली पोस्टर,पंपलेट एवं फोटोकॉपी मशीन बरामद किया गया। जीरलाल उरांव ने स्वीकार किया कि भाकपा माओवादी के रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू का पैसा से प्रिंटर मशीन खरीदा है। उसी मशीन से फोटो कॉपी करके क्षेत्र में पोस्टर चिपकाते हैं। बताया कि उसके साथ इस काम में गांव के उपेंद्र उरांव, जमुना उरांव, राजेश सिंह एवं जितेंद्र उरांव मदद करते हैं।

जानकारी के अनुसार 15 अगस्त 2021 एंव 26 जनवरी 2022 को सबने मिलकर सभी चौक चौराहों एवं सरकारी भवन पर नक्सलियों के पोस्टर चिपकाए।

इसके अलावा पुलिस की गतिविधि की सूचना भी नक्सलियों तक पहुंचाने का काम करते हैं। जब नक्सली गांव आते हैं तो उन्हें खाना खिलाना एवं जरूरत का सामान बाजार से खरीद कर पहुंचाने का काम करते है। पुलिस के द्वारा जीरलालराव के निशानदेही पर उपेंद्र उरांव के घर की तलाशी ली गई। उपेंद्र के बिस्तर से भी भारी मात्रा में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन का पर्चा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

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