सफलता का नाम है सेना, वायुसेना, ITBP और NDRF के जवान. ये सब मिल कर रोप-वे की ट्रॉलियों में फंसे 48 लोगों में से 46 को बचा लिया .

सत्य ये है की ये सभी झारखंड के देवघर में त्रिकुट पर्वत पर रोप-वे हादसे के 45 घंटे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया. रोप-वे की ट्रॉलियों में फंसे 48 लोगों में से 46 को बचा लिया. 

हादसे में कुल 4 लोगों की मौत हुई है और 12 से ज्यादा घायल हैं। रेस्क्यू के दौरान दूसरे दिन भी एक महिला ट्रॉली से गिर गई। उसकी मौत हो गई। सोमवार को भी एक युवक की हेलिकॉप्टर में चढ़ाने के दौरान गिरने से जान चली गई थी।

मंगलवार को तीसरे दिन 7 घंटे से ऑपरेशन चल रहा है। एयरफोर्स और आईटीबीपी के जवानों ने हेलिकॉप्टर से 2500 फीट ऊंचाई पर पहुंचकर रोप-वे की तीन ट्रॉलियों में फंसे 15 को निकाल लिया। ऊंचाई और तेज हवा होने की वजह से यह सबसे मुश्किल रेस्क्यू हुआ। रेस्क्यू के दौरान एक जवान के पैर में चोट लग गई।

एक दिन पहले सोमवार को सेना, वायुसेना, ITBP और NDRF की टीमों ने 12 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया था। इसमें 33 लोगों को तीन हेलिकॉप्टर और रस्सी के सहारे बचाया गया था। रेस्क्यू के दौरान सेफ्टी बेल्ट टूट जाने के कारण एक व्यक्ति की हेलिकॉप्टर से नीचे गिर कर मौत हो गई थी। अंधेरा और कोहरा हो जाने की वजह से ऑपरेशन बंद कर दिया गया था।

वायु सेना, सेना और NDRF की टीमें अतिरिक्त सतर्कता बरती। टीम में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि तीन ट्रॉली सबसे ऊंचाई पर थे, जिसकी वजह से रोप-वे के तार के कारण लोगों तक पहुंचने में कठिनाई आई।

इस ऑपरेशन में वायु सेना के तीन हेलिकॉप्टर लगाया गया था। आला अधिकारी लगातार मौके पर कैंप कर रहे हैं। इस हादसे में बचाए गए 12 से अधिक लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें महिलाएं और बच्चियां शामिल हैं। कुछ घायलों को ICU में भी रखा गया है।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read