जमशेदपुर – धातुकर्म अभियांत्रिकी (मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग) पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के छात्रों के लिए संगोष्ठी “बिहाइंड द टीचर्स डेस्क (बीटीटीडी-2025)” के 14वें संस्करण का समापन समारोह आज एनआईटी जमशेदपुर में संपन्न हुआ। 

यह कार्यक्रम भारतीय धातु संस्थान (आईआईएम) जमशेदपुर चैप्टर द्वारा सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल), टाटा स्टील लिमिटेड और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के सहयोग से संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था।

बीटीटीडी ने खुद को देश भर के युवा धातुकर्मविदों के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित किया है। इस वर्ष, इस संगोष्ठी में देश भर के विभिन्न अभियांत्रिकी संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाले 150 से अधिक छात्रों और वक्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल मिलाकर, बारह समानांतर सत्रों में 78 तकनीकी पेपर प्रस्तुत किए गए, जिसमें धातु विज्ञान और पदार्थ विज्ञान के विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल थी। 

कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरुआत टाटा स्टील की एचआरबीपी कॉर्पोरेट फंक्शंस की प्रमुख सुश्री दीबा अहमद के परस्पर संवादात्मक मुख्य व्याख्यान से हुई, जिसमें एचआर कार्यों, छात्र की तैयारी, उत्सुकता प्रबंधन और आत्म-विकास के महत्व पर पूरे विस्तारपूर्वक विवरण दिया गया। सत्र की अध्यक्षता टाटा स्टील के पूर्व मुख्य शोधकर्ता डॉ. ए.एन. भगत ने की।

समापन सत्र की शुरुआत सीएसआईआर-एनएमएल के मुख्य वैज्ञानिक और आईआईएम जमशेदपुर चैप्टर के उपाध्यक्ष डॉ. वी. सी. श्रीवास्तव के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने मुख्य अतिथि, जेएएमआईपीओएल की प्रबंध निदेशक सुश्री स्वस्तिका बसु का परिचय भी कराया। आयोजकों की सराहना करते हुए सुश्री बसु ने संगोष्ठी के अनूठे प्रारूप की सराहना की, जिसमें विशेषज्ञ व्याख्यान, छात्र प्रस्तुतियां, प्रश्नोत्तरी और औद्योगिक दौरे शामिल थे, जिससे समग्र शिक्षा और सहभागिता को बढ़ावा मिला।

एनआईटी जमशेदपुर के धातुकर्म एवं सामग्री अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख प्रो. अशोक कुमार द्वारा विशेष फीडबैक सत्र आयोजित किया गया। सत्र के दौरान, प्रतिभागियों ने भविष्य के संस्करणों में संगोष्ठी को और अधिक समृद्ध बनाने हेतु रचनात्मक सुझाव साझा किए।

इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर और आईआईएम कार्यकारी समिति के लंबे समय से सदस्य रहे श्री बी.के. सिंह को शिक्षा जगत और आईआईएम समुदाय में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

बीटीटीडी-2025 के संयोजक, डॉ. प्रेमकुमार (प्रधान वैज्ञानिक, सीएसआईआर-एनएमएल), डॉ. पौलमी माजी (सहायक प्रोफेसर, एनआईटी जमशेदपुर) और श्री मनीष भादू (प्रधान वैज्ञानिक, टाटा स्टील) ने अपने विचार साझा किए और प्रतिभागियों के प्रति उनकी भागीदारी के लिए आभार व्यक्त किया। 

पुरस्कार समारोह में 19 विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति के लिए तथा 6 विद्यार्थियों को ऑनलाइन आयोजित मेटा-क्विज प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इसके बाद, एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिनिधियों ने सक्रिय रूप से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे इस संगोष्ठी में जीवंतता आ गई।

कार्यक्रम का समापन श्री मनीष भादू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने संगोष्ठी की सफलता सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और साझेदार संस्थानों की सराहना की। उन्होंने यह भी घोषणा किया कि दिनांक 27 जून, 2025 के लिए टाटा स्टील लिमिटेड, टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स (घमरिया), टाटा टिनप्लेट, जेएएमआईपीओएल और सीएसआईआर-एनएमएल के लिए औद्योगिक भ्रमण की व्यवस्था की गई है, जिससे छात्रों को उद्योग से संबंधित मूल्यवान और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read