झारखंड एक अजीब राज्य है। यहाँ गर्मी के साथ बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। साथ में बिजली चोरी के खिलाफ आज गुरुवार को पूरे राज्य में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया। 

इस दौरान 3979 परिसर में छापेमारी कर 985 परिसर में बिजली चोरी का मामला पकड़ा गया। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर 198.85 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। छापेमारी के दौरान रांची में 64, गुमला में 36, जमशेदपुर में 50, चाईबासा में 36, धनबाद में 29, चास में 51, डालटेनगंज में 248, गढ़वा में 27, दुमका में 74, साहिबगंज में 39, गिरिडीह में 49, देवघर में 113, हजारीबाग में 109, रामगढ़ में 27 व कोडरमा में 33 पर प्राथमिकी दर्ज कर जुर्माना लगाया गया है।

दूसरी तरफ़ रांची में गर्मी के साथ बिजली व्यवस्था पूरी तरह से अस्त में है। दिन हो या रात बिजली गुल होना आम बात हो गई है। सुबह से लेकर रात तक लोग गर्मी से परेशान हैं, बच्चों की परीक्षाएं है लेकिन कोई अधिकारी या पावर स्टेशन में फोन उठाने वाला तक नहीं है। हर बार लोकल फाल्ट का बहाना, कभी फीडर का बहाना और रातभर का इंतजार, यही हाल है बिजली विभाग के कर्मचारियों का। रात्रि 10 बजे के बाद से सुबह पांच बजे तक एयरपोर्ट, हटिया, रातू फीडर से जुड़े एक बड़े इलाकों में लगातार बिजली आती-जाती रहती है, लोगों की रात सिर्फ करवटें बदलते गुजर रही है।

राज्य में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। गुरुवार को दिन में बिजली आपूर्ति सामान्य रही। कही लोड शेडिंग की स्थिति नहीं आई, लेकिन रात में पीक आवर के वक्त लगभग 400 मेगावाट की कमी हो गई। गुरुवार को शहरों में 18 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 16 से 17 घंटे तक बिजली की आपूर्ति हुई। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के मुताबिक राज्य में बिजली की डिमांड लगभग 2600 मेगावाट है।

टीवीएनएल की दोनों यूनिटों से गुरुवार को भी सामान्य उत्पादन हुआ। इसके अलावा बिजली नेशनल ग्रिड, सोलर इनर्जी कारपोरेशन इनर्जी एक्सचेंज और निजी बिजली उत्पादक कंपनियों से ली जा रही है। बिजली वितरण निगम ने अतिरिक्त बिजली देने का आग्रह इनर्जी एक्सचेंज से किया है। अभी एक्सचेंज से 250 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है। इसके कारण वितरण की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।

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