*फ़ोटो मनोज श्रीवास्तव द्वारा

झारखंड के राजधानी राँची पूरे देश में नदी और तालाब से भरपूर बिहार की ग्रीष्मकालीन थी।और शहर के बीच के बड़ी नदी हरमु पूरे राज्य में अपनी सुंदरता की दृश्य पर्यटकों को हमेशा आकर्षित करती थी।

आज ये हरमु नदी एक कचरे वाला नाला बन कर रह गई है।अगर राज्य सरकार और राँची नगर निगम द्वारा खर्च की गई राशि की तलाश की जाए तो सामने आएगा सरकारी पैसों का लूट। इस हरमु नदी के सौंदरीकारण के नाम पार।

परिणाम कई सरकार मिलकर पिछले 15 सालों में करोड़ों रुपए की लागत से कचरो के नाला में तब्दील कर दिया है।नदी नाम जरूर है मगर शहर के बीचो बीच एक समय रांची का लाइफ लाइन माने जाना वाला हरमू नदी आज नाला बनने के बाद भी इस रूप में भी आंसू बहा रही है ।

जैसा माना गया है कि नगर निगम की एरिया में जितने भी नाला है उनकी सफाई निगम की जिमवारी होती है, मगर एक तो यह नदी कहलाने वाली हरमु अपनी नाम को भी बदलने पर मजबूर हो गई है।

शायद फिर भी निगम ने इसे स्वीकार नहीं किया और बता दिया कि अच्छा होता आपकी नामो निशान मिट जाये।तो राँची की जनता को संतोष होता ,आज यह हरमू नदी नाला में तब्दील होने के बावजूद साफ नहीं हो सकता।

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