झारखंड में मंडी शुल्क के विरोध में व्यवसायियों का विरोध लगातार जारी है। आज बुधवार को रांची के 100 से अधिक व्यवसायियों ने विधेयक के विरोध में राजभवन के समक्ष धरना दिया। 

झारखंड चैंबर की अगुवाई में बैठे व्यवसायियों ने कहा कि सरकार टैक्स के नाम पर व्यवसायियों का शोषण बन्द करे और महंगाई बढ़ने वाले टैक्स को वापस लो। 

इस धरने में झारखंड चैंबर के अध्य्क्ष धीरज तनेजा, पूर्व अध्य्क्ष प्रवीण जैन छाबड़ा, रांची चैंबर ऑफ कॉमर्स के कॉमर्स के अध्यक्ष शंभू गुप्ता, व्यवसायी संतोष सिंह, प्रवीण लोहिया, राहुल मारू, बिंदुल वर्मा समेत अन्य व्यवसायी शामिल हुए। गौरतलब है इससे पहले कारोबारी काला बिल्ला व पोस्टर लगाकर विधेयक का विरोध जता चुके हैं।

व्यवसायी क्यों कर रहे हैं विरोध?

दरअसल, मंडी शुल्क लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से कृषि बाज़ार समिति रांची में आयातित होने वाले खाद्यानों पर 2 फीसदी तक का शुल्क देना होगा। करोबारोबियों का कहना है इससे राज्य में खाद्यानों के दाम बढ़ेंगे। पहले से ही महंगाई से परेशान लोगों पर दोहरी मार पड़ेगी।

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